इंदौर में रामनवमी के दिन हुए हादसे के बाद प्रशासन ने शहर में खतरनाक कुएं, बावड़ी तोड़ने का अभियान शुरू कर दिया था। 31 मार्च को जारी निर्देश में सभी बावड़ी को भरे जाने का उल्लेख किया गया था। इसके बाद प्रशासन के द्वारा सभी बावड़ी को मिट्टी से भरा जा रहा था लेकिन अब जिला प्रशासन ने शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के कुएं और बावड़ी को चैतन्य और पुनर्जीवित करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने कुएं, बावड़ी की सूची का मंथन करने के साथ नगर निगम के कर्ताधर्ताओं को शहरी क्षेत्र के 571 व ग्रामीण क्षेत्र के 726 कुएं-बावड़ी को पुनर्जीवित करने के निर्देश दिए।
विवाद वाली जगह के लिए बनेगी टास्क फोर्स
पटवारियों के अमले ने सभी गांवों, तहसीलों और शहरी क्षेत्रों के चप्पे-चप्पे की जांच कर कुएं और बावड़ी की सूची तैयार की है। इसमें सड़क किनारे, बगीचे, स्कूल, हास्पिटल व धार्मिक स्थलों के आसपास बने कुएं और बावड़ी अधिक मिले हैं। अब कलेक्टर ने ऐसी जगहों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं, जहां से अतिक्रमण को हटाने पर विवाद की स्थिति निर्मित हो सकती है। इसके लिए विशेष टास्क फोर्स बनाकर कार्य किए जाने की रणनीति तैयार की जा रही है। इसके साथ ही जनता द्वारा की जा रही शिकायतों को लेकर कलेक्टर ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाकर हेल्पलाइन जारी करने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि जूनी इंदौर के पटेल नगर बेलेश्वर महादेव मंदिर में 30 मार्च रामनवमी के दिन बावड़ी धंसने से 36 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। इसके बाद से प्रशासन पूरे शहर में कुएं और बावड़ी तोड़ने का काम कर रहा है।