सार
इंदिरा नगर में रहने वाले २० वर्षीय युवक राहुल पिता राजेश ने फांसी लगा ली। परिजन फंदे से उतार कर उसे अस्पताल ले गए, लेकिन डाक्टर उसकी जान नहीं बचा पाए। वह पेंटरी का काम करता था और पाउडर का नशा करता था।
इंदौर में नशे के सौदागर पहले युवकों को नशे का आदी बना रहे हैं और बाद में उन्हें महंगे दामों पर मादक पदार्थ बेच कर पैसे के लिए दबाव बनाते हैं। ऐसे ही नशे के सौदागरों के कारण एक युवक ने आत्महत्या कर ली। अब पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
समाजवादी इंदिरा नगर में रहने वाले 20 वर्षीय युवक राहुल पिता राजेश ने फांसी लगा ली। परिजन फंदे से उतार कर उसे अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टर उसकी जान नहीं बचा पाए। वह पेंटरी का काम करता था और पाउडर का नशा करता था। कई बार उसे काम नहीं मिलता था, लेकिन वह पाउडर का नियमित नशा करता था और उधारी में नशा लेकर आ जाता था। नशा तस्कर ने जब उधारी के लिए दबाव बनाया तो राहुल ने आत्महत्या कर ली।
परिवारजनों का कहना है कि मोहल्ले में चेतन काला नामक युवक नशे की पुड़िया बेचता है। वह राहुल को भी पुड़िया बेचता था और बकाया एक हजार रुपये की वसूली के लिए उस पर दबाव बना रहा था। चेतन राहुल से लड़ाई करने घर पर भी आ गया था। राहुल ने घर वालों से पैसे मांगे, लेकिन उन्होंने पैसे नहीं दिए। इसके बाद राहुल गुस्से में घर से बाहर चला गया और रात को फिर नशा करने लौटा और घर आकर अपने कमरे में चला गया। इसके बाद उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
पैसे नहीं दिए, इसलिए मौत को गले लगा रहा हूं
राहुल ने आत्महत्या करने से पहले एक सुसाइड नोट भी लिखा। उसमे उसने जिक्र किया कि उसे चेतन को पैसे देना थे, लेकिन परिवारवालों ने नहीं दिए, इसलिए वह आत्महत्या कर रहा है।