इंदौर क्राइम ब्रांच ने ऑनलाइन गेमिंग की आड़ में कथित तौर पर सट्टा संचालित करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से आठ मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और आठ एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में दोनों आरोपियों के खातों से 14 करोड़ रुपये से अधिक के ट्रांजेक्शन की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और बैंक खातों की जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुलदीप धनावत और महावीर हर्षवाल के रूप में हुई है। दोनों मूल रूप से बड़नगर के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पिछले कुछ समय से दोनों इंदौर के लसूडिया क्षेत्र में रहकर ऑनलाइन गेमिंग की आड़ में कथित रूप से सट्टा गतिविधियां संचालित कर रहे थे। क्राइम ब्रांच को ऑनलाइन सट्टे से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि होने पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान पुलिस को उनके ऑनलाइन लेन-देन और सट्टे से जुड़ी गतिविधियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की बात सामने आई है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से आठ मोबाइल फोन और एक लैपटॉप जब्त किया है। इसके अलावा आठ एटीएम कार्ड भी बरामद किए गए हैं। पुलिस को आशंका है कि इन बैंक खातों और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल ऑनलाइन सट्टे के लेन-देन के लिए किया जाता था। बरामद मोबाइल फोन और लैपटॉप की तकनीकी जांच कर पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
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जांच में अब तक 14 करोड़ रुपये से अधिक के ट्रांजेक्शन सामने आने की जानकारी पुलिस ने दी है। हालांकि, यह पूरा लेन-देन किस अवधि में हुआ और इसमें सट्टे से जुड़ी कितनी रकम शामिल है, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ऑनलाइन सट्टे के इस नेटवर्क में उनके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हैं। साथ ही बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल लेन-देन के आधार पर अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जांच अभी जारी है और पूछताछ तथा तकनीकी जांच के बाद ऑनलाइन सट्टे के नेटवर्क से जुड़े कुछ और नाम सामने आ सकते हैं। पुलिस आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे कर सकती है।