सड़क हादसों के मामले में देश में नंबर दो पर आने वाले इंदौर indore में कल रात से सुबह तक ही दो बड़ी घटनाएं हो गई। एक कार की टक्कर से महिला सफाई कर्मी की मौत हो गई और एक अन्य हादसे में एक युवक गंभीर घायल हो गया। लगातार हो रहे हादसों के बावजूद शहर के डेंजर स्पाट पर सुधार नहीं हुआ है। कुछ समय पहले कलेक्टर इलैया राजा टी ने डेंजर स्पाट के लिए एक जांच समिति बनाई थी जिसने शहर के प्रमुख डेंजर स्पाट चिन्हित करके दिए थे लेकिन उन पर भी कोई खास काम नहीं किया गया।
ब्रिलिएंट कन्वेंशन के पास लगातार हो रहे हादसे
इंदौर के सबसे पाश क्षेत्र ब्रिलिएंट कन्वेंशन में डिवाइडर खुले होने की वजह से लगातार हादसे हो रहे हैं। मंगलवार रात में यहां पर एक युवक गंभीर घायल हो गया। आसपास के लोगों का कहना है कि डिवाइडर अव्यवस्थित तरीके से रखे होने से और डिवाइडर के बीच में से ही क्रासिंग देने से लगातार हादसे हो रहे हैं। हम अपने स्तर पर यहां की क्रासिंग को बंद करते हैं लेकिन फिर से उसे खोल दिया जाता है।
शहर में कई जगह लगातार हादसे हो रहे
शहर में कुछ स्पाट एेसे हैं जहां पर लगातार हादसे हो रहे हैं। दो महीने पहले कलेक्टर इलैया राजा टी ने इन सभी स्पाट की रिपोर्ट बनवाई थी जो अब फाइलों में दबकर ही रह गई है। कहा गया था कि इन सभी स्पाट पर जरूरी बदलाव कर इन्हें सुरिक्षत किया जाएगा लेकिन यह काम आगे नहीं बढ़ सका। इन स्पाट में सुपर कारिडोर, देवास नाका और रिंग रोड के कुछ क्षेत्र शामिल हैं। यहां पर लगातार हादसे हो रहे हैं।
सड़क हादसों में नंबर दो पर है इंदौर
सड़क हादसों के मामले में इंदौर देश में नंबर दो पर है। पहले नंबर पर दिल्ली आता है जहां साल 2022 में सर्वाधिक 5,652 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। इसके बाद इंदौर (4,680), जबलपुर (4,046), बेंगलुरु (3,822), चेन्नई (3,452), भोपाल (3,313), मल्लापुरम (2,991), जयपुर (2,687), हैदराबाद (2,516) और कोच्चि (2,432) का स्थान आता है। यह रिपोर्ट देश के 10 लाख से अधिक आबादी वाले बड़े शहरों की है। इस दौरान इस तरह के 50 शहरों में सड़क हादसों के कारण 17000 से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवाई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।