यशवंत सागर तालाब के आसपाास का हिस्सा होगा ग्रीन बेल्ट
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इंदौर का मास्टर प्लान एरिया में 79 गांवों को शामिल किया गया है। इसेे जोड़कर ही अब नगर तथा ग्राम निवेश विभाग नए मास्टर प्लान को बना रहा है और शहर के आसपास नए ग्रीन बेेल्ट भी उसमे शामिल हो सकते हैै। 2008 के मास्टर प्लान में सिरपुर, यशवंत सागर, पिपलियापाला के आसपास के हिस्सों को ग्रीन बेल्ट में शामिल किया गया था। 79 गांवों में सबसे बड़ा तालाब यशवंत सागर भी शामिल है। इसके आसपास की सेटेलाइट इमेज, मैदानी सर्वे नगर तथा ग्राम निवेश विभाग ने किया है और उसके आसपास का बड़ा हिस्सा नए मास्टर प्लान के ग्रीन बेेल्ट मेें शामिल होगा, ताकि तालाब की चैनलों पर निर्माण न हो। इसके अलावा गुलावट के आसपास के गांव भी ग्रीन बेेल्ट मेें होंगे।
नहीं हो रहे नक्शे मंजूर
79 गांवों का ड्राफ्ट प्लान नगर तथा ग्राम निवेश तैयार कर रहा है। इस कारण सभी तरह की अनुमतियों पर इन गांवों में रोक लगी है। अफसरों के अनुसार प्लानिंग एरिया में गांवों को शामिल करने के पहले जितनी अनुमतियां जारी हुई थी, उसे ही मान्य किया जाएगा।
9 प्रतिशत बची हरियाली
2021 तक के लिए बने मास्टर प्लान में हरियाली का प्रतिशत 14 था, लेकिन वास्तविकता में 9 प्रतिशत हरियाली बची है। पिपल्यापाला, द्वारकापुरी, प्रजापत नगर, कैलोद करताल जैसे ग्रीन बेेल्ट के हिस्सों में अवैध काॅलोनियां बन चुकी है। अब नए मास्टर प्लान मेें ग्रीन बेेल्ट ने नए हिस्से भी जुड़ेगे। सबसे बड़ा ग्रीन बेल्ट यशवंत सागर के आसपास का होगा। 79 गांवों में फूल कराडि़या, मुरादपुरा, हातोद,खजूरिया भी शामिल है। नगर निगम सीमा में जो 29 गांव शामिल है। वे भी मास्टर प्लान में लिए गए है।
यह गांव यशवंत सागर और गंभीर नदी के आसपास है। इनके हिस्से ग्रीन बेल्ट में शामिल हो सकते है। इसके अलावा पुवार्डा जुनार्दा भी शिप्रा नदी किनारे है। नदी के आसपास के हिस्सों को भी ग्रीन बेल्ट मेें लिया जा सकता है।