इंदौर मेें पांच साल पहले हुए डीपीएस बस हादसे के बाद भी स्कूल संचालकों ने सबक नहीं लिया है और पर्याप्त सुरक्षा के बगैर स्कूल बसों का संचालन हो रहा है। इसकी कीमत सोमवार को क्वीन्स काॅलेज की छात्रा को चुकाना पड़ी। एक टर्न पर स्कूल बस का इमरजेंसी गेट खुल गया और उसके पास खड़ी एक दस साल की छात्रा बस से सड़क पर गिर पड़ी।लापरवाह बस ड्रायवर और कंडक्टर को छात्रा के गिरने का पता नहीं चला। जब बस में सवार अन्य बच्चों ने चिल्लाना शुरू किया, तब जाकर बस रोकी गई।
घटना राजीव गांधी चौराहा पर हुई। काॅलेज की बस यहां स्टाॅप पर और फिर तेज रफ्तार में आगे बढ़ी। मोड पर अचानक बस का इमरजेंसी गेट खुल गया और बस में सवार प्रियांशी चौरसिया सड़क पर गिर गई। बस 100 फीट तक आगे बढ़ गई, लेकिन ड्रायवर को छात्रा के गिरने का पता नहीं चला। बस से गिरने के कारण छात्रा के दोनो पैरों में चोट आई है,हालांकि इस मामले में छात्रा के माता पिता ने स्कूल प्रबंधन या पुलिस में शिकायत नहीं की है।
खराब दरवाजा था बस का
इस घटना की जानकारी मिलने के बाद कलेक्टर इलैया राजा ने अफसरों को स्कूल भेजा। बस की जांच के दौरान अफसरों ने पाया कि बस का इमरजेंसी गेट खराब था। बस में जरुरत से ज्यादा बच्चों को ले जाया जा रहा था। बस की क्षमता 33 थी,जबकि 35 छात्राअेां को बस में बैठाया गया था।
जो छात्रा बस से गिरी, उसके बैठने की जगह भी नहीं थी, वह बस में खड़ी थी और गेट खुलने के कारण गिर गई। जांच के बाद बस का फिटनेस प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया। परमिट और ड्रायवर का लाइसेंस भी सस्पेंंड कर दिया गया।