एमवाय अस्पताल में मरीज ने फांसी लगाई।
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इंदौर के एमवाय अस्पताल में भर्ती एक मरीज ने फांसी लगाकर जान दे दी। एक हादसे के बाद उसे अस्पताल में भर्ती किया गया था और इलाज के दौरान उसका पैर काटना पड़ा था। इसके बाद से ही वह तनाव में रहता था।
एमवाय अस्पताल में चेस्ट वार्ड में 55 वर्षीय राजू पिता कल्लू को भर्ती किया गया था। वह 26 फरवरी को खंडवा जिले के देशगांव से रेफर होकर आया था। वहां उसका एक्सीडेंट हो गया था और एक पैर में गंभीर चोटें आई थीं।
इलाज के दौरान उसका एक पैर काट दिया गया था। हादसे से पहले वह ट्रकों में ग्रीस लगाने का काम करता था। दुर्घटना के दिन वह पेड़ के नीचे आराम कर रहा था, तभी एक ट्रक रिवर्स में आया और उसके पैरों पर चढ़ गया था। पहले उसे खंडवा के अस्पताल ले जाया गया, वहां से उसे इंदौर रेफर किया गया था।
सुबह फंदे पर लटका मिला
राजू सुबह एमवाय अस्पताल में पलंग से उतरा और घिसटते हुए शौचालय तक पहुंचा। वह अपने साथ ड्रेसिंग करने वाली पट्टी भी ले गया था। शौचालय में जाकर उसने इसी पट्टी से फांसी लगा ली। संयोगितागंज पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। परिजनों ने बताया कि पैर काटे जाने के कारण वह तनाव में था। फांसी लगाने से पहले उसने परिजनों को फोन लगाकर बात भी की थी। मृतक के परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा और एक बेटी है।