कांग्रेस की दूसरी सूची के बाद कई क्षेत्रों में विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। इसी में से एक सीट महू की है। कल रात आई सूची में महू से रामकिशोर शुक्ला को टिकट दिए जाने का विरोध हो रहा है। आज सुबह नांदेड़ गांव में अंतरसिंह दरबार के समर्थक इकट्ठा हो गए और नारेबाजी की। दरबार निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला कर सकते हैं।
अंतरसिंह दरबार लगातार तीन चुनाव हार चुके हैं। 2008 में कैलाश विजयवर्गीय ने उन्हें हराकर यह सीट भाजपा की झोली में डाली थी और दूसरी बार भी उन्हें ही हराया था। तीसरी बार उषा ठाकुर ने उन्हें हराया। उनका टिकट कट जाने से निराश समर्थक रैली निकालकर सभा भी कर रहे हैं। यह भी कहा जा रहा है कि दरबार अपने समर्थकों से चर्चा करने के बाद निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं। दरबार महू विधानसभा से पहले भी दो बार विधायक रह चुके हैं।
उषा ठाकुर को सात हजार के अंतर से मिली थी जीत
2018 के विधानसभा चुनाव में पूर्व विधायक और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अंतर सिंह दरबार ने मंत्री उषा ठाकुर को मात्र 7 हजार 157 वोटों के अंतर पर लाकर खड़ा कर दिया था। इसलिए दरबार को इस बार पूरी उम्मीद थी कि कांग्रेस पार्टी से उन्हें टिकट दिया जाएगा।