डॉ. जयंतीलाल भंडारी
- फोटो : अमर उजाला
मध्य प्रदेश के बजट पर जाने माने अर्थशास्त्री डॉ. जयंतीलाल भंडारी ने अपनी राय प्रकट की है। बजट को लेकर किया गया उनका एनालिसिस कहता है कि ये बजट प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद नजर आ रहा है। आइए पढ़ते हैं क्या कहते हैं अर्थशास्त्री भंडारी-
वित्त वर्ष 2024-25 के लिए मध्यप्रदेश के बजट का आकार अब तक के सर्वोच्च स्तर पर पहुंचा है। पिछले वर्ष की तुलना में 16 फीसदी की वृद्धि के साथ तीन लाख 65 हजार 67 करोड़ रुपये की नई ऊंचाई पर पहुंच चुका है। नए बजट की विशेष बात यह है कि यह 17 सौ करोड़ रुपये के राजस्व आधिक्य का बजट है और राजकोषीय घाटा 4.11 फीसदी अनुमानित है। साथ ही इस बजट में पिछले वर्ष की तुलना में पूंजीगत परिव्यय में 15 फीसदी की वृद्धि की गई है तथा कुल पूंजीगत परिव्यय राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (एसजीडीपी) के 4.25 फीसदी है। इससे विकास और रोजगार के नए अध्याय बनते हुए दिखाई देंगे।
निश्चित रूप से वित्तमंत्री देवड़ा द्वारा वित्त वर्ष 2024-25 के लिए पेश किया गया पूर्ण बजट प्रदेश के गरीबों, किसानों, महिलाओं, युवाओं, ग्रामीण विकास व सिंचाई और औद्योगिक विकास तथा बुनियादी ढांचे के विकास पर केंद्रित है। प्रदेश के इस बजट का सबसे चमकीला पक्ष कृषि, सिंचाई एवं ग्रामीण विकास से संबंधित हैं। मुख्यमंत्री कृषि कल्याण योजना के लिए 4900 करोड़ रुपये का प्रावधान है। बजट में पशुपालक किसानों को भी सीधा लाभ देने के लिए 520 करोड़ रुपये का प्रावधान है। सरकार द्वारा किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराने के लिए 600 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान है। नए बजट में बुनियादी ढांचे के विकास को भी उच्च प्राथमिकता दी गई है। बजट में नर्मदा और विंध्य एक्सप्रेस-वे, अटल प्रोग्रेस-वे तथा मालवा निर्माण विकास पथ के साथ बुनियादी ढांचे पर अधिक धन आवंटित किया गया है। साथ ही पूंजीगत परिव्यय का दायरा भी बढ़ाया गया है। इंदौर-भोपाल में मेट्रो के लिए बजट प्रावधान है। नए बजट में ‘मेक इन मध्यप्रदेश’ और वोकल फॉर लोकल को प्रोत्साहन देने के लिए भी प्रावधान किए गए हैं। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के विशेष प्रावधान भी नए बजट में किए गए हैं। नए बजट में शैक्षणिक गुणवत्ता और कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है।
निसंदेह वित्तमंत्री देवड़ा ने प्रदेश के नए बजट में सोशल इंजीनियरिंग पर ध्यान केंद्रित करते हुए प्रदेश की सभी फ्लैगशिप स्कीमों के लिए अधिक धन आवंटित किया है। निश्चित रूप से प्रदेश के वर्ष 2024-25 के बजट में किए गए आवंटनों से जहां आम आदमी लाभांवित होगा, वहीं प्रदेश की तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था और अधिक गतिशील होगी। लेकिन, मध्यप्रदेश के नए बजट में विभिन्न वर्गों और सेक्टरों को किए गए सराहनीय आवंटनों के बाद भी कई चुनौतियां हैं। एक बड़ी चुनौती प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के रोजगार अवसरों की कमी है। निसंदेह मध्यप्रदेश के इस नए बजट की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वित्तमंत्री वर्ष 2024-25 के बजट के तहत रखे गए निर्धारित लक्ष्यों के क्रियान्यवन पर पूरी तरह ध्यान देंगे। साथ ही राजस्व और राजकोषीय घाटे पर भी उपयुक्त नियंत्रण रखेंगे।