मध्यप्रदेश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा ने शुक्रवार को कहा कि प्रदेश विकास की ऊंची उड़ान भरने के लिए टेकऑफ को तैयार है। इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हो रहा है। प्रदेश को नई पहचान मिल रही है। तीन महीने में 300 से अधिक स्टार्टअप शुरू होंगे। वहीं अगले एक साल में पांच हजार छोटे-बड़े उद्योग खुलने जा रहे हैं।
मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में मध्यप्रदेश में निवेश से जुड़े कई पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार हर स्तर पर उद्योगों और स्टार्टअप्स की मदद करने को तैयार है। आने वाला समय मध्यप्रदेश का है और जल्द ही विविध क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश देखने को मिलेगा।
आईटी सेक्टर में हो रहा है बड़ा निवेश
सकलेचा ने कहा कि आईटी सेक्टर में बड़े स्तर पर निवेश आ रहा है। इंदौर में दो बड़े आईटी पार्क है। अब हम प्लग एंड प्ले योजना के तहत 10 लाख वर्गफीट विकसित कर रहे हैं। इंदौर विकास प्राधिकरण भी एक स्टार्टअप पार्क बना रहा है। टीसीएस-इंफोसिस के कैम्पस भी अब आबाद हो गए हैं। दोनों कंपनियों ने अब तक हजार से अधिक युवाओं को नौकरी दी है।
ब्रांडिंग की वजह से पिछड़े थे पर्यटन में
मंत्री सकलेचा ने दावा किया कि मध्यप्रदेश में पर्यटन की संभावनाएं पहले भी थी। अब हमारी ब्रांडिंग बेहतर हुई है तो उसका फायदा हमें मिल रहा है। हम इंफ्रास्ट्रक्चर में पिछड़े थे। सड़कें अच्छी नहीं होती थी। हवाई संपर्क भी कमजोर ही था। अब हालात बदले हैं। पर्यटन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी अच्छी है। सुविधाएं अधिक हैं। महाकाल लोक के निर्माण के बाद वहां धर्माटन करने आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी गई है। अब हम सरप्लस पावर स्टेट है। सरप्लस वाटर स्टेट है। हमारे प्रदेश में लोग बड़ी संख्या में आने लगे हैं।
डीएमआईसी से आएगी उज्जैन संभाग में समृद्धि
सकलेचा ने कहा कि दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर से उज्जैन संभाग के रतलाम, मंदसौर, नीमच जैसे जिलों में औद्योगिक विकास में तेजी आएगी। रतलाम में अभी से इसका असर देखा जा रहा है। वहां काफी लोग निवेश की इच्छा जता चुके हैं। हर फील्ड में नए उद्योग आ रहे हैं और इन जिलों में अपना कारोबार शुरू करना चाहते हैं।
स्टार्टअप्स की संख्या बढ़ेगी
मंत्री सकलेचा ने कहा कि हर इंफ्रास्ट्रक्चर नए विचार लाता है। अब तक हुए विकास की वजह से मध्यप्रदेश ऊंची उड़ान को तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोकस स्टार्टअप्स है। इस वजह से इस दिशा में काफी काम हो रहे हैं। मध्यप्रदेश में दो हजार 600 स्टार्टअप्स हैं, जिन्हें केंद्र सरकार ने अप्रूव किया है। आने वाले तीन महीनों में 300 से ज्यादा स्टार्टअप और आएंगे। अगले पांच साल में पांच हजार नए लघु उद्योग शुरू होंगे।