कहते हैं चाहत हो तो सफलता पाने से कोई आपको नहीं रोक सकता। कुछ ऐसी ही कहानी है मार्टिना देवी की जो खेलो इंडिया यूथ गेम्स के इतिहास की सबसे बड़ी सुपरस्टार बन चुकी हैं। पिछले साल पंचकुला में इस मणिपुरी वेटलिफ्टर ने कुल 8 राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाए थे। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें इस शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी थी। हालांकि, मार्टिना का यह सफलता जितनी स्वर्णिम है सफर उतना ही संघर्षों से भरा रहा है।
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मार्टिना के पिता मणिपुर के एक गांव में दुकान चलाते हैं। मार्टिना ने कहा, जब मैं भारोत्तोलन में जाना चाहती थी, तब मैं चौथी कक्षा में थी। कुंजरानी देवी से मुझे बचपन से ही काफी प्रेरणा मिलती थी। मेरे पापा ने मेरी इच्छा का सम्मान किया और जब मैं कक्षा 5 में थी, तो उन्होंने मुझे एक वेटलिफ्टिंग स्कूल में दाखिला दिला दिया। उसके बाद से खेल और पढ़ाई में संतुलन बनाते हुए मैं यहां तक पहुंची हूं। मार्टिना ने आगे कहा, 2019 से ही मैंने खेल में अपना सर्वश्रेष्ठ देना शुरू कर दिया था। जब मैं 8वीं कक्षा में थी, तभी पापा ने मुझे दूसरे स्कूल में दाखिला दिला दिया।
मार्टिना के जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ तब आया, जब वह 2020 में साई एनसीओई लखनऊ का हिस्सा बनी। मार्टिना ने कहा, लखनऊ में साई केंद्र में शामिल होने के बाद, मेरा खेल अगले स्तर पर चला गया। केंद्र में सभी ने मेरी बहुत मदद की है और मुझे जो कोचिंग और बुनियादी ढांचा समर्थन मिला है वह असाधारण है। यूथ और जूनियर स्तर पर लगातार राष्ट्रीय रिकॉर्ड के अलावा, मार्टिना ने पिछले साल +81 किग्रा वर्ग में यूथ एशियन चैम्पियनशिप ताशकंद में रजत पदक जीता था। मार्टिना ने पिछले साल हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ मोदी नगर में खेलों इंडिया यूथ एंड वूमेन नेशनल रैंकिंग टूर्नामेंट के दौरान रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने नागरकोइल, तमिलनाडु में वेटलिफ्टिंग नेशनल के दौरान नए रिकॉर्ड भी स्थापित किए।