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Indore Crime News: मनोहर वर्मा हत्याकांड में कांग्रेस नेता कपिल सोनकर को उम्रकैद

Fri, 28 Apr 2023 07:36 PM IST
अर्जुन रिछारिया न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

खड़ी कराई के विवाद में मनोहर वर्मा की हत्या का मामला, छह मुलजिम को अदालत ने दोषी करार दिया
 
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प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ कपिल - फोटो : न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
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इंदौर के बहुचर्चित हत्याकांड के मामले में कांग्रेस नेता कपिल सोनकर को शुक्रवार को जिला अदालत ने दोषी करार दिया है। कपिल पूर्व मंत्री प्रकाश सोनकर का भतीजा है। कपिल यूथ कांग्रेस के साथ कांग्रेस में कई पदों पर रह चुका है। वह कांग्रेस के टिकट पर पार्षद का चुनाव भी लड़ चुका है।
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गोली मारकर की थी हत्या
पुलिस की कहानी के अनुसार 19 दिसंबर 2011 को सियागंज में हम्माल मनोहर वर्मा की आधा दर्जन से अधिक बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। जांच में खुलासा हुआ था कि हत्या में बदमाश कपिल पिता रंजीत सोनकर निवासी लुनियापुरा का हाथ है। पुलिस ने घटना में शामिल तनवीर, कालू व देवेंद्र निवासी लुनियापुरा को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपियों ने बाद में कबूल कर लिया था कि उन्होंने कपिल के इशारे पर सागर के शूटर भूपेंद्र ठाकुर व दो बदमाशों के साथ घटना को अंजाम दिया था। एजीपी विशाल श्रीवास्तव के मुताबिक न्यायाधीश मनोज तिवारी ने कपिल सोनकर सहित 6 आरोपियों को दोहरी उम्रकैद की सजा से दंडित किया है।

मनोहर को बात करने बुलाया और गोली मार दी
वारदात 19 दिसंबर 2011 को हुई थी। हत्यारों के नाम कपिल पुत्र रणजीत सोनकर, तनवीर उर्फ नन्नू पुत्र हारुन खान, देवेंद्र पुत्र प्रेमसिंह चौहान, कालू उर्फ पप्पू पुत्र पूनमचंद चौहान सभी निवासी लुनियापुरा, जयपालसिंह पुत्र तुलसीराम अहिरवार निवासी बड़ी भमौरी और भूपेंद्र उर्फ धर्मेंद्र पुत्र नरेंद्र ठाकुर निवासी ग्राम गजर सागर हैं। हत्यारे कपिल सोनकर का मृतक मनोहर वर्मा से खड़ी कराई को लेकर विवाद चल रहा था। कपिल के इशारे पर शूटर भूपेंद्र, तनवीर ने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। उन्होंने वारदात वाले दिन सुबह 8.30 बजे मनोहर वर्मा को बात करने के लिए कैलाश कुटी वेयर हाउस रोड़ सियागंज पर बुलाया था। मनोहर जैसे ही वहां पहुंचा उन्होंने उस पर गोली चला दी। मनोहर को लहूलुहान हालत में अस्पताल ले जाया गया जहां सुबह करीब पौने 12 बजे उसकी मौत हो गई। 
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क्या है खड़ी कराई
इंदौर में बाहर से लोडिंग का माल लाने वाली गाड़ियों को खड़ा कर उनसे वसूली की जाती थी। इसे ही खड़ी कराई कहा जाता था। एक समय खड़ी कराई में कई बड़े गुंडे बदमाशों का नाम आया। बाद में प्रशासन और पुलिस की सख्ती के कारण खड़ी कराई की शिकायतें आना कम हो गईं। खड़ी कराई की वजह से व्यापारियों को सामान महंगा पड़ता था क्योंकि लोडिंग वाला गुंडो को देने वाला पैसा भी व्यापारी के लेनदेन में जोड़ता था। हालांकि बीच बीच में अभी भी खड़ी कराई की शिकायतें आती हैं लेकिन अब पहले की तरह वसूली बंद हो चुकी है। 
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