मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने अभी तक दस टिकट तय किए है। 19 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा अभी कांग्रेस ने नहीं की है। कांग्रेस होली त्योहार के बाद उम्मीदवारों की घोषणा कर सकती है,हालांकि जिन्हें टिकट देना है, उन्हें रणनीतिकारों की तरफ से चुनावी तैयारियों के संकेत मिल चुके है। उधर भाजपा ने प्रदेश की सभी 29 सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर लिए है, हालांकि भाजपा उम्मीदवारों ने भी जनसंपर्क अभियान शुरू नहीं किए है, वे भी कांग्रेस के उम्मीदवारों की घोषणा का इंतजार कर रहे है।
कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में दिल्ली में मध्य प्रदेश की बची सीटों के नामों पर सहमति बन चुकी है। बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, दिग्विजय सिंह सहित प्रदेश के कांग्रेस नेता मौजूद थे। मध्य प्रदेश में चार चरणों में वोटिंग होगी। अंतिम चरण में प्रदेश की आठ सीटों पर मतदान होगा। कांग्रेस जल्दी टिकट तय कर करने से बच रही है, ताकि भाजपा उम्मीदवार भी टिकट के इंतजार में चुनावी मोड में न सके।
कांग्रेस ने फिलहाल दस सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए है। उन्हें छह नए चेहरे है। तीन विधायकों को पहली बार सांसद का टिकट दिया है, जबकि तीन नए और युवा चेहरों पर कांग्रेस ने भरोसा जताया है। पहली सूची में उन सीटों की घोषणा की गई, जहां कांग्रेस के नए उम्मीदवारों को कार्यकर्तागणों का नेटवर्क तैयार करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
अब ज्यादातर सीटों पर कांग्रेस पूर्व सांसदों और बड़े नेताअेां को आजमा सकती है। इनमें कांतिलाल भूरिया, दिग्विजय सिंह, अरुण यादव के नाम शामिल है। कमल नाथ समर्थक सज्जन सिंह वर्मा इस बार चुनाव नहीं लड़ना चाहते। वे सोनकच्छ सीट से विधानसभा का चुनाव हार चुके है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का नाम भी इंदौर सीट को लेकर चर्चा में है, लेकिन वे भी चुनाव लड़ना नहीं चाहते। इंदौर से उन्होंने अक्षय बम का नाम आगे बढ़ाया है।