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Indore: मालवा मिल और कल्याण मिल की लीज निरस्त, प्रशासन के नाम होगी मिलों की जमीन

Thu, 15 Jun 2023 09:40 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

जब दोनों मिलें आबाद थीं तो हजारों श्रमिकों के परिवार इससे चलते थे, लेकिन 25 साल से दोनो मिलें बंद थीं। एनटीसी की तीन मिलों की बिक्री के लिए शासन ने वर्ष 2003 और वर्ष 2007 में अनुमति दी थी। 
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मालवा मिल की जमीन पर कब्जे हो चुके हैै। - फोटो : SOCIAL MEDIA
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विस्तार
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एनटीसी के अधीन रहने वाली मालवा मिल और कल्याण मिल की लीज प्रशासन ने निरस्त कर दी है। दोनों मिलों की जमीन अब रिकॉर्ड में सरकार के नाम पर दर्ज होगी। मालवा मिल की जमीन बेचने की कवायद लंबे समय से एनटीसी द्वारा की जा रही थी, लेकिन कोई खरीदार नहीं मिल रहा था। जबकि जमीन का 25 एकड़ हिस्सा इंदौर विकास प्राधिकरण को कन्वेंशन सेंंटर के लिए दिया गया था, लेकिन प्राधिकरण भी वहां सेंटर नहीं बना पाया।

जब दोनों मिलें आबाद थीं तो हजारों श्रमिकों के परिवार इससे चलते थे, लेकिन 25 सालों से दोनों मिलें बंद थीं। एनटीसी की तीन मिलों की बिक्री के लिए शासन ने वर्ष 2003 और वर्ष 2007 में अनुमति दी थी। इसके बाद स्वदेशी मिल की 15.32 एकड़ जमीन एनटीसी ने इंडिया बुल्स कंपनी को बेची थी।

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कल्याण मिल और मालवा मिल की जमीन नहीं बिक पाई थीं, न ही प्लांट का आधुनिकीकरण कर फिर से मिलों के संचालन की कोई कवायद की जा रही थी। दोनो मिलों की लीज निरस्त करने का प्रतिवेदन शासन ने पिछले साल सरकार को भेजा था। भोपाल से लीज निरस्त कर प्रशासन के नाम जमीन करने की हरी झंंडी दी गई।

92 एकड़ से ज्यादा जमीन है मालवा मिल की
मालवा मिल की 25 एकड़ जमीन आईडीए को दी गई थी। इसके अलावा सात एकड़ जमीन मध्य प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम को दी गई थी। वहां डिपो संचालित किया जाता था। इसके अलावा 60 एकड़ जमीन मिल की है। सभी की लीज निरस्त की गई है। मिल की जमीन के बड़े हिस्से पर कब्जे भी है। यहां शराब दुकान, सब्जीमंडी संचालित होती है। इसके अलावा बस्तियां भी हैं। कल्याण मिल के पास भी 32.04 एकड़ जमीन है। दोनों मिलों की जमीन अब प्रशासन के नाम पर दर्ज होगी। 

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