दुनियाभर में लोकप्रिय इंदौर के खजराना गणेश मंदिर Khajrana Ganesh Mandir में आए दान की गणना पूरी हो गई है। इस बार प्रवासी भारतीय सम्मेलन के दौरान 800 विदेशी मेहमान भगवान के दर्शन के लिए आए। इसके चलते दान पेटियों से बड़ी संख्या में विदेशों की मुद्राएं और नोट भी निकले हैं। इसके साथ बड़ी मात्रा में सोने चांदी के सिक्के और आभूषण भी निकले हैं।
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इतने देशों की विदेशी मुद्राएं दान पेटियों से निकली
प्रवासी भारतीयों के आने से दानपेटियों से आस्ट्रेलिया, अमेरिका, यूके, इंडोनेशिया, नेपाल, सिंगापुर, ओमान, अमीरात की मुद्राएं भी निकली हैं। मंदिर के मैनेजर घनश्याम शुक्ला ने बताया कि इस बार आठ देशों की विदेशी मुद्राओं के अतिरिक्त सोने के सिक्के और चांदी के आभूषण भी भक्तों ने अर्पित किए है।
पांच महीने बाद हुई दानपात्रों की गणना
इस बार 15 दिन चली गिनती में 40 दानपेटियों से कुल एक करोड़ 83 लाख 78 हजार रुपए निकले हैं जो इससे पहले हुई दानपात्रों की गिनती में सबसे अधिक राशि है। अंतिम दिन दो लाख 78 हजार रुपये की राशि बैंक में जमा कराई गई। गिनती के बाद दानपात्रों को उनके निर्धारित स्थानों पर फिर से रख दिया गया है। इस बार दानपात्रों की गिनती पांच माह बाद की गई थी।
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दो हजार के नोट भी मिले
मंदिर के पंडित अशोक भट्ट ने बताया कि बंद होने जा रहे दो हजार के नोट भी मिले हैं। पिछली बार की गणना में सिर्फ 70 नोट मिले थे लेकिन इस बार सौ नोट मिले हैं। यह दो लाख की कीमत के नोट हैं। इस बार गिनती पांच जून से शुरू हुई थी और इसमें 35 कर्मचारी लगातार दान की गणना करते रहे।
भक्तों की प्रार्थनाओं से भरे पत्र भी मिले
खास बात यह है कि दान पेटियों में अब तक कई लेटर भी निकले हैं, जिसमें भक्तों ने अपने मनोकामना लिखी है। इन लेटर को भगवान को चरणों में अर्पित किया जाता है। किसी ने परीक्षा में अच्छे अंक की मन्नत मांगी है तो किसी ने परिवार में सुख शांति और व्यापार में लाभ मिलने की प्रार्थना की है।