संभागायुक्त कार्यालय परिसर में पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
इंदौर के सिख समाज ने पाकिस्तान के करतारपुर साहिब गुरुद्वारे का मामला उठाया है। वहां का एक वीडियो सामने आया है जिसमें कुछ लोग गुरुद्वारे में पार्टी करते नजर आ रहे हैं। इसके बाद इंदौर का सिख समाज भड़क गया है। सिख समाज ने संभागायुक्त कार्यालय परिसर में पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए और केंद्र सरकार से इस मामले में एक्शन लेने के लिए कहा।
श्री गुरुसिंघ सभा इंदौर के अध्यक्ष मनजीत सिंह (रिंकू) भाटिया ने बताया कि श्री गुरु सिंघ सभा इंदौर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से ज्ञापन सौंपा है। पाकिस्तान में करतारपुर साहब गुरुद्वारे में मांस-मदिरा की पार्टी और नृत्य दिखाया गया है। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। यह घटना निंदनीय है। पाकिस्तान गुरुनानक देवजी का जन्मस्थल है। वहां पर बहुत सारे गुरुद्वारा साहब हैं। आज अगर एक धर्म स्थल पर इस तरह की शुरुआत हुई है तो ये नासूर की तरह फैलेगी। इस पर वहीं पर अंकुश लगाना बहुत जरूरी है। हमने भारत सरकार से मांग की है कि एेसा करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करें।
दिल्ली में गाड़ियों के चालान का मुद्दा भी उठाया
विरोध के दौरान सभी ने दिल्ली स्थित शीशगंज साहिब गुरुद्वारे का मामला भी उठाया। समाजजनों ने बताया कि वहां पर गाड़ियों के 20-20 हजार के चालान काटे जा रहे हैं। लाल किले से लेकर शीशगंज गुरुद्वारे तक कार ले जाने पर प्रतिबंध है। लोग कुछ समस्या होती है तभी कार ले जाते हैं। इनमें बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे रहते हैं। धार्मिक स्थल जाने वालों का इस तरह चालान काटना गलत है। इस ऑर्डर को निरस्त किया जाना चाहिए।
जजों की नियुक्ति में भेदभाव किया गया
अन्य मुद्दे उठाते हुए समाजजनों ने कहा कि कॉलेजियम के दो सिख जजों की नियुक्ति रोक दी गई। यह भेदभाव की शुरुआत है। देश की आजादी में सिखों का बहुत बड़ा योगदान है। संविधान सबको बराबर का अधिकार देता है। इसके साथ देश की अलग अलग जेलों में बंद 'बंदी सिंह' को भी नहीं छोड़ा जा रहा है। बंदी सिंह उन सिख कैदियों को कहा जाता है, जिन्हें पंजाब के उग्रवाद में शामिल होने के लिए दोषी ठहराया गया था। आज भी कई बंदी सिंह देश की अलग-अलग जेलों में बंद हैं। जिन्होंने अपनी सजा पूरी कर ली है, लेकिन उनकी रिहाई नहीं हो रही है। केंद्र सरकार ने इस पर रोक लगा रखी है। उनकी रिहाई करें, वरना देशभर में सिख समाज प्रदर्शन करेगा।