सरकार को सबसे ज्यादा कमाई कराने वाले पंजीयन विभाग में वरिष्ठ जिला पंजीयक की कुर्सी के लिए दो अफसरों में घमासान मचा हुआ है। इंदौर में पहले ही इस पद पर दीपक शर्मा पदस्थ थे और पंजीयन आईजी ने जिला पंजीयक-2 के रुप में पदस्थ अफसर को वरिष्ठ पंजीयक के रुप में नियुक्त कर दिया गया। रोचक बात यह है कि इसका आदेश आचार संहिता के दौरान इंदौर पहुंचा। आदेश का हवाला देकर अमरेश नायडू ने एकतरफा पदभार ग्रहण कर लिया। अब पहले से पदस्थ वरिष्ठ पंजीयक शर्मा ने विभाग के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर पूछा कि उन्हें शासन ने जिस पर पद नियुक्त किया है, उस पर काम करे या नहीं। विभाग में आचार संहिता के दौरान नियुक्ति की बड़ी चर्चा है।
इंदौर में वरिष्ठ जिला पंजीयक का एक ही पद है, बाकी दो पद जिला पंजीयक के है। मार्च में वरिष्ठ जिला पंजीयक पद पर दीपक शर्मा की नियुक्ति की गई। इसके बाद जुलाई में तबादला होकर इंदौर आए जिला पंजीयक-2 के पद पर अमरेश नायडू को नियुक्ति दी गई। नायडू और शर्मा एक ही बैच के है और शर्मा की पीएससी में 27 वीं रैंक थी और नायडू 359 रैंक पर थे।
नियुक्ति के समय वरिष्ठता को लेकर कोई विवाद नहीं हुआ, लेकिन तबादले के चार माह बाद नायडू ने खुद को शर्मा से वरिष्ठ बताते हुए वरिष्ठ जिला पंजीयक पद पर नियुक्ति की कवायद शुरू कर दी और महानिरीक्षक पंजीयन की तरफ से उनके पक्ष में आदेश दे दिया गया। इस मामले में शर्मा का कहना है कि उन्होंने वरिष्ठ अफसरों को अपना प्रतिवेदन भेज दिया है। जैसे आदेश मिलेगा, उसे मान्य किया जाएगा। इस मामले में नायडू की प्रतिक्रिया भी जानना चाही गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया।