बच्चों के लिए बेहद खतरनाक जापानी बुखार के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। सरकार ने अब पैरेंट्स से कहा है कि वे तुरंत बच्चों को इसका वैक्सीन लगवाएं। मप्र के चार जिलों में वैक्सीन लगाने के लिए अभियान शुरू हो रहा है। 'जापानी बुखार' Japani Bukhar Fever से बच्चों को बचाने के लिए 27 फरवरी 2024 से टीकाकरण सारणी में इसका टीका जुड़ जाएगा। इसे जे.ई. (जापानी एन्सेफलाइटिस) भी कहा जाता है। टीका लगाने के लिए अभियान चलाया जाएगा।
इंदौर सहित प्रदेश के चार जिलों में चलेगा अभियान
यह अभियान इंदौर सहित प्रदेश के चार जिलों में शुरू किया जाएगा। जिसमें इंदौर सहित भोपाल, सागर एवं नर्मदापुरम सम्मिलित हैं। इसके पूर्व विदिशा एवं रायसेन जिले में यह अभियान चलाया जा चुका है। जहां अब नियमित टीकाकरण में भी यह टीका दिया जाने लगा है। 'जापानी बुखार' के सर्वाधिक प्रकरण उत्तर प्रदेश से सामने आए हैं। मध्यप्रदेश में भी 'जापानी बुखार' के प्रकरण रिपोर्ट किए जा चुके हैं। अभियान के अंतर्गत यह टीका 01 से 15 साल के आयु वर्ग के बच्चों को लगाया जाएगा। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि यह जापानी दिमागी बुखार है, इससे संक्रमित होने पर बच्चे को झटके आते हैं, बेहोशी होती है और अत्यंत गंभीर स्थिति में मृत्यु भी हो जाती है।
12 बीमारियों से मिलेगी सुरक्षा
इस वायरल बीमारी से बचने का सबसे सुरक्षित उपाय टीकाकरण है। प्रारंभ में सभी टीकाकरण केन्द्रों पर सामुदायिक स्तर पर टीकाकरण किया जाएगा और फिर नियमित टीकाकरण सारणी में यह टीका जुड़ जाएगा। इसके साथ ही पहले टीकाकरण के माध्यम से बच्चों को 11 बीमारियों से सुरक्षा मिलती थी, जो अब बढ़कर 12 बीमारियों से सुरक्षा मिलेगी। सभी परिजनों से यह अपील है गई कि वे अपने 01 से 15 साल के बच्चों को इस बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए जे.ई. का टीका अवश्य लगवाएं।