सरकारी स्कूल के बच्चों को कलेक्टर के आदेश के बाद संजीवनी क्लीनिक से दी गई दवाई। एक बच्चे को बीआईसीयू में भर्ती किया। बच्चों को iron syrup reaction हो गया।
आयरन की दवा पीने के बाद एक बच्चे की तबियत बिगड़ गई। उसे बुखार आ गया और शरीर पर लाल व काले धब्बे पड़ गए। यह दवा उसे सरकारी स्कूल स्थित संजीवनी क्लीनिक से दी गई थी। बच्चे की हालत खतरे से बाहर है। अभी भी वह अस्पताल में भर्ती है। iron syrup reaction का कारण पता नहीं चल सका है।
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मामला शनिवार को छोटा बांगड़दा स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय का है। यहां दोपहर में बच्चों आयरन की दवाई पिलाई गई जिसके बाद कुछ बच्चों की तबियत बिगड़ गई। इन्हीं में एक छात्र कार्तिक पिता पंकज चौहान (12) की तबियत अधिक खराब हो गई। परिजन ने उसे सोमवार को सरकारी चाचा नेहरू अस्पताल में एडमिट किया गया जहां डाक्टरों ने उसे पीआईसीयू में एडमिट किया गया। अभी उसकी हालत स्थिर है। कार्तिक के पिता ने बताया कि दवा पीने के बाद उसे सीने, पेट और गले में दर्द होने लगा और बुखार भी आया। इसके बाद उसे शरीर पर लाल व काले धब्बे पड़ गए और खाने में तकलीफ होने लगी। पिता ने कहा कि स्कूल के अन्य बच्चों को भी इसी तरह के लक्षण के साथ उल्टियां भी हुई।
कलेक्टर के आदेश पर पिलाई दवा
स्कूल के प्रभारी अशोक वर्मा ने बताया कि स्कूल परिसर स्थित संजीवनी क्लिनिक की ओर से बच्चों को आयरन की दवाई पिलाई गई थी। उस दौरान मैं गांधी नगर में एक मीटिंग में था। संजीवनी क्लिनिक की नर्सिंग ऑफिसर देवश्री सोनारे का कहना है कि कलेक्टर के निर्देश पर सभी बच्चों को आयरन की दवाई पिलाई गई। केवल एक छात्र कार्तिक को ही रिएक्शन हुआ जबकि बाकी बच्चों दवाई पीने के बाद से ही अच्छे हैं।
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आयरन से रिएक्शन की संभावना बहुत कम
पीडियाट्रिक्स कंसल्टेंट डॉ. प्रवीण जड़िया ने बताया कि हो सकता है कि बच्चों की पहले की कोई रिएक्शन की हिस्ट्री हो या वह बीमार हों और उसे पहले से कोई समस्या रही हो। यह पूरा केस समझने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। वैसे आयरन की दवाई लेने से ऐसा रिएक्शन संभव ही नहीं है।