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Indore: लालबाग पैलेस की उपरी मंजिल सालभर से पर्ययकों के लिए बंद, जीर्णोद्धार के काम समय पर नहीं

Sat, 15 Jun 2024 07:24 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

लालबाग पैलेस में आठ करोड़ की लागत से काम हो किए जा रहे है। जिन एजेंसियों को ठेका दिया गया है, वे तय समय पर काम पूरा नहीं कर पा रही है। अभी भी 30 से 40 प्रतिशत तक काम अलग-अलग हिस्सों में अधूरा पड़ा है।
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लालबाग पैलेस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इंदौर में होलकर राजपरिवार के महल लालबाग पैलेस में पर्यटकों से राशि तो पूरी ली जा रही है, लेकिन उन्हें पूरा पैलेस घुमाया नहीं जा रहा है। पैलेस की पहली मंजिल की फोटो गैलरी, राजपरिवार के कक्ष व गलियारे में सालभर से मरम्मत के नाम पर एंट्री बंद है।

लालबाग पैलेस में आठ करोड़ की लागत से काम हो किए जा रहे है। जिन एजेंसियों को ठेका दिया गया है, वे तय समय पर काम पूरा नहीं कर पा रही है। अभी भी 30 से 40 प्रतिशत तक काम अलग-अलग हिस्सों में अधूरा पड़ा है। इसका खामियाजा अलग-अलग शहरों से आने वाले पर्यटकों को भुगतना पड़ रहा है।

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उन्हें सिर्फ ग्राउंड फ्लोर के डायनिंग हाॅल, ड्राइंग हाॅल व अन्य कक्ष देखकर लौटना पड़ रहा है। 70 एकड़ में फैले लालबाग पैैलेस में भारतीय पर्यटकों से 20 रुपये की एंट्री ली जाती है, जबकि विदेशी पर्यटकों से 400 रुपये लिए जाते है। पुरातत्व विभाग के संयुक्त संचालक प्रकाश परांजपे का कहना है कि समय पर काम पूरा नहीं होने पर एजेंसियों को नोटिस दिया गया है। जल्दी ही पहली मंजिल का काम समाप्त होगा। इसके बाद पर्यटकों के लिए उसे खोल दिया जाएगा।
 

उद्यान भी हो गया उजाड़

लालबाग पैलेस परिसर 70 एकड़ में फैला हुआ है। एक समय परिसर का उद्यान लोगों के आकर्षण का केंद्र होता था। यहां संगमरमर की मूर्तियां है। होलकर राजपरिवार ने विदेशों से पौधे मंगाकर परिसर में लगाए थे। उद्यान को संवारने का जिम्मा स्मार्ट सिटी मिशन को दिया गया था, लेकिन कोई काम नहीं हुआ। परिसर में लगने वाले मेलों के कारण बाउंड्रीवाल भी जगह-जगह से टूट रही है।

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