इंदौर के पश्चिम क्षेत्र का रिंग रोड तो पूरा नहीं बन सका, लेकिन अधूरे रिंग रोड पर बन रहे पहले फूठीकोठी ब्रिज का 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। अगले चार माह में यह बनकर तैयार हो जाएगा और पश्चिमी क्षेत्र के यातायात को पूर्वी क्षेत्र की तरफ जाने में आसानी होगी।
फूटीकोटी चौराहा से अहमदाबाद और धार की तरफ से आने वाले भारी वाहन मुबंई आगर मार्ग की तरफ जाते है। भारी वाहनों के कारण अक्सर हादसे का अंदेशा बना रहता है, लेकिन ब्रिज बनने से हादसे की आशंका भी कम हो जाएगी। महूनाका से हवा बंगला की तरफ जाने वाला ट्रैफिक ब्रिज के नीचे से होकर गुजरेगा।
इस ब्रिज की खासियत यह है कि मध्य हिस्से में कोई पिलर नहीं है। मध्य हिस्सा स्टील का बनाया गया है। इस कारण इसका निर्माण भी जल्दी हो रहा है। सालभर पहले इसका निर्माण शुरू हुआ था। आईडीए अफसरों के अनुसार ब्रिज के निर्माण में ज्यादा बाधक हिस्से नहीं थे।
इस कारण तय समय पर काम शुरू हो गया। छह लेन ब्रिज की चौड़ाई 24 मीटर है। इसके निर्माण पर 55 करोड़ रुपये की लागत आएगी। ब्रिज की लंबाई 625 मीटर है। इस ब्रिज के बनने से चौराहा सिग्नल फ्री हो जाएगा। धार रोड से राजेंद्र नगर या भंवरकुआ की तरफ जाने वाला ट्रैफिक ब्रिज के उपर से गुजर जाएगा।
ब्रिज बनने से पहले चौराहे पर ट्रैफिक गुत्थम गुत्था होता था। पश्चिम क्षेत्र में इससे पहले केसरबाग ब्रिज बनाया गया था, लेकिन उसके निर्माण में छह साल से ज्यादा का समय लगा। फूठीकोठी ब्रिज तय समयसीमा में बनकर तैयार हो जाएगा। इस ब्रिज के अलावा इंदौर में भंवरकुआ चौराहा और खजराना चौराहेे पर भी ब्रिज बन रहे है, जो सालभर में बनकर तैयार हो जाएंगे। खजराना ब्रिज की एक भुजा तीन माह के भीतर ट्रैफिक के लिए खोल दी जाएगी।