अभ्यास मंडल के कार्यक्रम में अतिथि अपनी बात रखते हुए।
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महिला दिवस से पहले इंदौर में अभ्यास मंडल ने महिला पत्रकरों का सम्मान किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि हाईकोर्ट की अतिरिक्त महाधिवक्ता अर्चना खेर ने कहा कि महिला के बिना घर-परिवार की कल्पना नहीं की जा सकती है। जिस देश में महिलाओं की भागीदारी जितनी अधिक बढ़ेगी, वह उतना अधिक तेजी से विकास करेगा। जिस क्षेत्र में महिलाएं है, वहां अनुशासन दिखाई देता है। भष्ट्राचार नहीं होता है। महिला में नेचरल लीडरशिप का गुण होता है।
खेर राष्ट्र के विकास मे महिलाओं की भूमिका विषय पर बोल रही थीं। उन्होंने कहा कि विधि के क्षेत्र में महिलाएं अभी कम हैं। इस तरह के क्षेत्र में भी उन्हें आगे आना होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रेस क्लब अध्यक्ष अरविंद तिवारी ने की। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता जोखिम भरा काम है, विशेषकर फील्ड में जाकर काम करना, लेकिन महिला पत्रकार ऐसे क्षेत्रों में भी काम कर रही हैं, जो अभी तक पुरुषों के माने जाते थे। केवल प्रिंट मीडिया में ही नहीं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में भी वे स्पॉट रिपोर्टिंग कर रही हैं। इंदौर शहर इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। कोरोना काल में महिला पत्रकारों ने शानदार रिपोर्टिंग की, जिसकी चर्चा आज भी होती है।
पत्रकारिता और जनसंचार अध्ययनशाला की विभागाध्यक्ष सोनाली नरगुंदे ने कहा कि महिलाओं के साथ आज भी पक्षपात होता है। काम से लेकर वेतन तक में, लेकिन महिलाएं हार नहीं मानतीं। महिला को जो जिम्मेदारी दी जाती है। वह उसे पूरे मनोयोग से करती हैं।
कार्यक्रम में अतिथि स्वागत दीप्ति गौर और अनिता परमार ने किया। संचालन वैशाली खरे और पल्लवी अढाव ने किया। आभार माना ग्रिष्मा त्रिवेदी ने। कार्यक्रम में शिवाजी मोहिते, गौतम कोठारी, हरेराम वाजपेयी, रजनी भंडारी, सुशीला यादव, मुरली खंडेलवाल सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।