कमजोर स्ट्रक्चर के कारण हुआ था हादसा।
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चोरल रिसोर्ट मेें हुए हादसे की जांच पीडब्लूडी अफसरों ने की थी। जिसकी रिपोर्ट आ चुकी है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि कमजोर स्ट्रक्चर और वेल्डिंग ठीक से नहीं होने के कारण लोहे के खंबे छत का वजन नहीं सह पाए और छत पांच मजदूरों पर गिर गई।
इससे उनकी मौत हो गई। इस तरह का निर्माण रिसाॅर्ट में अन्य छह डुप्लेक्स में भी पाया गया हैै। अफसरों ने कहा कि उन्हें भी तोड़ना ठीक रहेगा, क्योकि भविष्य में वे भी हादसे की वजह बन सकते है।
पीडब्लूडी की रिपोर्ट मेें खुलासा हुआ है कि लोहे के ढांचों पर जी प्लस वन के डुप्लेक्स बनाते समय लोड का भी ध्यान इंजीनियर ने नहीं रखा गया। स्टील के स्ट्रक्चर को भी नट बोल्ट से कसने के बजाए सिर्फ पतले से एंगल पर वेल्ड किया गया। बारिश मेें छत का वजह और बढ़ गया था और छत का वजन लोहेे के एंगल झेल नहीं पाए।
निर्माण मेें ठेकेदार ने भी लापरवाही बरती, क्योकि ठीक से वेल्डिंग कराने की जिम्मेदारी उसकी थी, लेकिन उसकी भी हादसे में मौत हो चुकी है। आपको बता दे कि चोरल के रिसाॅर्ट में छत गिरने से पांच मजदूरों की पिछले दिनों मौत हो गई हैै। इस मामले में पुलिस ने चार रिसाॅॅर्ट मालिकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।
अन्य रिसाॅर्ट की भी होगी जांच
महू और चोरल क्षेत्र में कृषि भूमि पर कई रिसोर्ट बन चुके है। प्रशासन उनकी भी जांच कराएगा। इसके लिए एक टीम गठित की गई है। जमीन का भूउपयोग, अनुमतियां और निर्माण अनुमति की जानकारी रिसाॅर्ट मालिकों से ली जाएगी। क्षेत्र मेें 500 से ज्यादा फार्म हाउस और रिसाॅर्ट की जानकारी अफसरों को मिली है।