बंबई बाजार में तोड़े अतिक्रमण।
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बाजारों को अतिक्रमण मुक्त करने की मुहिम के तहत गुरुवार को नगर निगम की रिमूवल गैंग बंबई बाजार जा पहुंची। पुलिस बल और बुलडोजर देख दुकानदारों में अफरा-तफरी मच गई। दुकानदारों ने मुहिम का विरोध भी किया, लेकिन अफसरों ने सख्ती दिखाते हुए 30 से ज्यादा दुकानों के शेड और ओटले हटाए। दो घंटे बाद जब अमला लौटा तो संकरी गली सड़क में तब्दील हो गई।
इस मुहिम ने 31 साल पहले चलाए गए आपरेशन बंबई बाजार की याद दिला दी।1991 में पटवा सरकार के समय बंबई बाजार में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाए गए थे। 1991 में दंगे के दौरान तत्कालीन एसपी अनिल धस्माना के अंगरक्षक छेदीलाल दुबे की बंबई बाजार में हत्या हो गई थी। उनके सिर पर किसी ने पत्थर फेंक दिया था।
पार्षद ने कहा बुलडोजर से मत तोड़ो
निगम का अमला जब बंबई बाजार पहुंचा तो पार्षद अयाज बेग दुकानदारों के साथ विरोध करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि मकान काफी पुराने है, इसलिए बुलडोजर से पक्के ओटले न तोड़े जाए। इससे मकान कमजोर हो सकते हैै। अफसर नहीं माने और विरोध की चिंता किए बगैर दुकानों के ओटले हटाने का काम शुरू किया।
कई दुकानदारों ने फुटपाथ पर ही खाने बनाने का प्लेटफाम बना लिया था और चार फीट तक शेड लगा रखे थे। कर्मचारियों ने दुकानों के बाहर रखा सामान जब्त कर लिया और ओटले तोड़ डाले।
चप्पल जूतों की दुकानों के बाहर भी जालियां लगी हुई थी। जिसे शुक्रवार तक हटाने के लिए कहा गया हैै। अमले के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद था। बाजार में पहले हुई घटनाअेां से सबक लेकर कर्मचारियों और पुलिस जवानों ने हेलमेट भी पहन रखे थे। मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने कहा कि ट्रैफिक सुधार के लिए फुटपाथों से अतिक्रमण मुक्त किया जा रहा है। बगैर भेदभाव के अन्य बाजारों में भी अतिक्रमण हटाए जाएंगे।