निगमायुक्त शिवम वर्मा ने ली बैठक।
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आठवीं बार स्वच्छता में नंबर वन आने के लिए इंदौर में तैयारियां शुरू हो गई है। सफाई अमले पर भी प्रशासनिक कसावट तेज हो गई है। सफाई व्यवस्था को लेकर निगमायुक्त ने सोमवार को बैठक ली।
जिसमें ज्यादातर जोनल अधिकारियों ने कचरा गाड़ी देरी से आने का मुद्दा उठाया। उन्होंने बैठक में कहा कि शहर के ज्यादातर हिस्सों का कचरा कलेक्शन सुबह दस बजे से पहले हो जाता था, लेकिन आजकल गाडि़यां देर से मौके पर आ रही है। इससे व्यवस्थाएं बिगड़ रही है।
इस पर निगमायुक्त शिवम वर्मा ने वाहन चालक की समस्या को लेकर अपर आयुक्त वर्कशॉप मनोज पाठक और वर्कशॉप प्रभारी मनीष पांडे पर नाराजगी व्यक्त व्यक्त करते हुए पूछा कि चालक समय पर क्यों नहीं आ रहे है तो दोनो अफसर चालकों की कमी का बहाना बनाने लगे। इससे निगमायुक्त और नाराज हो गए और कहा कि बैठक में ज्ञान मत दिजिए, समाधान बताएं। जितनी गाडि़यां है, वे समय पर क्यों नहीं गलियों में जा रही है।
बैठक में नए वाहनों और डेढ़ सौ चालकों को रखने के निर्देश भी दिए। आपको बता दे कि इंदौर में 500 से ज्यादा डोर टू डोर कचरा गाडि़यां है जो प्रतिदिन सात सौ टन कचरा ट्रेंचिंग ग्राउंड पहुंचाती है।