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Indore News: क्या भगवान भरोसे चल रहा NHAI का लीगल विभाग, वकील के बयान से पल्ला झाड़ना पड़ा महंगा

Fri, 04 Jul 2025 05:37 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

सार

Indore News: इंदौर-देवास हाईवे पर ट्रैफिक जाम को लेकर हाईकोर्ट में चल रही जनहित याचिका अब और विवादों में घिर गई है। इस मामले पर सोशल मीडिया पर केंद्रीय मंत्रियों और विभागों को भी टैग कर नाराजगी जाहिर की जा रही है।

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इंदौर में ट्रैफिक जाम - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
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इंदौर देवास में लगे ट्रैफिक जाम के बाद हाईकोर्ट में लगी जनहित याचिका पर भी अब बवाल हो रहा है। कोर्ट के बाहर भी लोग वकीलों के बयान और कंपनी के बयानों पर जमकर भड़ास निकाल रहे हैं। NHAI कंपनी को इंदौर देवास रोड पर अर्जुन बड़ौद में फ्लायओवर के निर्माण का काम मिला हुआ है और कंपनी की लापरवाही से कई दिनों तक लाखों लोग जाम में फंसे। 
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कोर्ट में वकील ने यह कहा
बता दें, हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान एनएचएआई की वकील ने कहा था कि लोग निकलते ही क्यों हैं... बिना काम, इतनी जल्दी? जाम तो लगेगा ही। वकील इतने पर ही नहीं रुकी, उन्होंने यहां तक कह दिया कि लोगों को मॉल, होटल जाना होता है, स्थिति तो बिगड़ेगी ही।
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कंपनी ने पल्ला झाड़ा
इस तर्क पर देशव्यापी प्रतिक्रिया हुई, लोगों ने एनएचएआई को जमकर घेरा। बुधवार को अथॉरिटी ने सोशल मीडिया पर लिखा, हाईकोर्ट में वकील की ओर से जो तर्क दिया गया, वह कार्यालयीन वक्तव्य नहीं है। रीजनल ऑफिसर श्रवणकुमार सिंह ने बताया, इस संबंध में वकील को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। अब कंपनी के इस स्टैंड के बाद लोग और भी भड़क गए हैं। लोगों का कहना है कि क्या वकील ने कोर्ट में कंपनी की जानकारी के बिना ही यह सब कह दिया, और अगर यह सही है तो फिर कंपनी का लीगल विभाग भी भगवान भरोसे ही चल रहा है। 
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भड़के लोग, बोले क्या भगवान भरोसे चल रहा NHAI का लीगल डिपार्टमेंट 
इंदौर के सुबोध खंडेलवाल ने पोस्ट करके इस मामले में एनएचएआई को घेरा है। उन्होंने लिखा कि NHAI ने X प्लेटफॉर्म पर दो ट्वीट किए हैं। उन्होंने लिखा कि वकील का बयान NHAIका अधिकृत वर्शन नहीं है। वकील ने ये बयान NHAI के ऑथोराइजेशन के बिना दिया था, ये और बड़ा मुद्दा है। मुद्दा ये है कि वकील बिना ऑथोराइजेशन के हाईकोर्ट में केंद्र सरकार की एक एजेंसी का पक्ष रखने कैसे पहुंच गई? क्या कोई भी वकील हाईकोर्ट में अपनी मर्जी से NHAI के खिलाफ लगे किसी केस में NHAI का पक्ष रखने चला जाता है? क्या NHAI का लीगल डिपार्टमेंट भी भगवान भरोसे चल रहा है? यदि वो NHAI की अधिकृत अधिवक्ता नहीं थी तो कोर्ट में कैसे गई और थी तो उनके कथन से NHAI सिर्फ ट्वीट करके या सोशल मीडिया पर बयान देकर पल्ला कैसे झाड़ सकता है? कोर्ट ट्विटर पर चलेगी क्या? NHAI के ट्वीट पर ये सवाल उठाते हुए मैंने PMO, विधि मंत्री, NHAI, केंद्रीय मंत्री नितीन गडकरी और विधि मंत्रालय की सचिव को ट्वीट किया है।
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