पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल अंतर्गत मांगलिया स्टेशन के समीप स्थित फाटक क्रमांक 45 को बंद कर वहां रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) निर्माण का कार्य किया जा रहा है। इस कारण सड़क को बंद कर यातायात डायवर्ट किया जाना प्रस्तावित है। इसी संबंध में प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने आज रेसीडेंसी कोठी में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक में लोक निर्माण विभाग, रेलवे, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया, बीपीसीएल, पुलिस विभाग, निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी तथा जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
यातायात डायवर्जन के लिए भौतिक सर्वे व बेहतर प्रबंध के निर्देश
मंत्री सिलावट ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन मार्गों से यातायात डायवर्ट किया जाना है, वहां का भौतिक सर्वेक्षण कर संभावित समस्याओं का बिंदुवार समाधान सुनिश्चित करें। डायवर्ट किए जा रहे मार्गों पर गड्ढों को भरने के लिए पेचवर्क कर सड़क को सुगम बनाया जाए। साथ ही, डायवर्जन के स्थानों पर स्टॉपर, बैरिकेडिंग आदि लगाकर जनता की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाए। सिलावट ने कहा कि वैकल्पिक मार्गों पर आम जनता और वाहनों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
जनजागरूकता के लिए साइन बोर्ड और होर्डिंग की व्यवस्था के निर्देश
सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखकर निर्माण कार्य में गुणवत्ता पर जोर
मंत्री सिलावट ने रेलवे और निर्माण एजेंसी के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि आरओबी निर्माण कार्य में उपयोग की जाने वाली सभी सामग्री की गुणवत्ता और मानक का विशेष ध्यान रखा जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण होगा।
इस तरह होगा रोड डायवर्जन
रोड डायवर्शन के तहत लोक निर्माण विभाग की तराना- मांगलिया- व्यासखेड़ी सड़क को ग्राम हतुनिया से मांगलिया तक बंद रखा जाएगा। वैकल्पिक मार्ग के रूप में मांगलिया से एनएच-52 होते हुए शिप्रा (बूढ़ी-बरलाई) होते हुए हतुनिया से सांवेर तक मार्ग निर्धारित किया गया है। वहीं, ज्वलनशील पदार्थों से भरे एचपीसीएल, आइओसीएल व बीपीसीएल के ट्रकों के लिए वैकल्पिक मार्ग मांगलिया से एनएच-52 होते हुए शिप्रा (देवास) मार्ग से एनएच752डी (शिप्रा-उज्जैन बायपास रोड) तक तय किया गया है।