13 साल पहले एक व्यक्ति ने नायब तहसीलदार की मदद से फर्जी विक्रय पत्र 'सेल डीड' बनवाई और चार करोड़ की बेशकीमती जमीन पर कब्जा कर लिया। जांच के बाद आरोपी नायब तहसीलदार और दो अन्य लोगों के खिलाफ राजेंद्र नगर पुलिस ने केस दर्ज किया है। फिलहाल नायब तहसीलदार की देवास में पोस्टिंग है।
पुलिस के अनुसार गोपुर काॅलोनी में रहने वाले अच्युत पदमावत का हुक्माखेड़ी में प्लाॅट है, जिसकी कीमत चार करोड़ रुपये है। उन्होंने पुलिस को प्लाॅट पर फर्जी सेल डीडी से कब्जा करने की शिकायत की थी। जांच के बाद पुलिस ने नायब तहसीलदार कृष्णा राठौर, निलेश भावसार और अजय जैनकर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।
आरोपियों ने 13 साल पहले 100 रुपये के स्टाम्प पर पदमावत दंपती के फर्जी साइन से 36 लाख रुपये की सेल डीड तैयार कराई। 15 जुलाई को राशि का भुगतान करना भी बताया गया। इसके बाद पदमावत पर प्लाॅट छोड़ने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। शिकायत के बाद पुलिस ने स्टांप वेंडर के एंट्री रजिस्टर की जांच की। राइटिंग विशेषज्ञों से भी हस्ताक्षरों की जांच कराई गई। इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। नायब तहसीलदार एक भाजपा नेता का रिश्तेदार बताया गया है।