इंदौर में ट्रैफिक सबसे बड़ी समस्या बनता जा रहा है। ट्रैफिक की समस्या से निपटने के लिए ट्रैफिक पुलिस, नगर निगम और प्रशासन दिनरात काम कर रहा है। इसी के चलते नो पार्किंग में खड़ी गाड़ियों को भी उठाकर ट्रैफिक थाने लाया जाता है। हर दिन ट्रैफिक पुलिस सौ से अधिक गाड़ियां ट्रैफिक थानों पर लाती है। इंदौर में पूर्व और पश्चिम दो ट्रैफिक थाने हैं। दोनों ही जगह मिलाकर सौ गाड़ियां रोज की उठती हैं।
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पांच क्रेन लगातार चलती हैं
ट्रैफिक पुलिस के द्वारा पांच क्रेन लगातार चलाई जाती हैं। दोनों थानों के ट्रैफिक पुलिसकर्मी जहां पर भी नो पार्किंग में गाड़ियां खड़ी देखते हैं तुरंत क्रेन से लोगों की गाड़ियां उठा लेते हैं। हर गाड़ी वाले को ट्रैफिक थाने में पांच सौ रुपए का चालान भरना पड़ता है तब उसकी गाड़ी छूटती है।
जाम से परेशान हो रही है जनता
ट्रैफिक थाना टीआई लाल बहादुर ने बताया कि हम नागरिकों से लगातार पार्किंग में गाड़ियां खड़ी करने की अपील करते हैं। इसके बावजूद भी कुछ लोग नो पार्किंग में गाड़ी खड़ी कर देते हैं। इससे बार बार जाम लगता है और जनता परेशान होती है। इन्हीं गाड़ियों को उठाकर हम ट्रैफिक थाने में लाते हैं। नगर निगम ने कई जगह पार्किंग बनाई है लेकिन लोग वहां पर गाड़ियां खड़ी नहीं करते हैं। लोगों को पार्किंग में गाड़ी खड़ी करना चाहिए और चालान से बचना चाहिए।
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यहां पर सबसे अधिक नो पार्किंग के चालान
इंदौर में सबसे अधिक नो पार्किंग के चालान नावेल्टी मार्केट, डालर मार्केट, जेल रोड, जिला कोर्ट, राजवाड़ा, सराफा, बर्तन बाजार, कपड़ा मार्केट, अपोलो, पलासिया, 56 दुकान पर कटते हैं। इनके अलावा भी कई अन्य जगह हैं जहां पर नो पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने पर ट्रैफिक पुलिस चालान बनाती है।