इंदौर में हुई लोक अदालत में लोग बिल भरने के लिए परेशान होते रहे। सुबह 10 बजे के बाद ही नगर निगम के सर्वर डाउन हो गए। इससे संपत्तिकर और अन्य कर भरने के लिए पहुंचे लोगों को काफी परेशानी हुई। दोपहर तक जिला न्यायालय में लोगों की कतार लग गई थी। गौरतलब है कि नगर निगम सर्वर बनाने में करोड़ों रुपए खर्च कर चुका है लेकिन लोगों की परेशानियां खत्म ही नहीं हो रही हैं। तमाम दावों के बावजूद नगर निगम एक अच्छी वेबसाइट नहीं बनवा पा रहा जिस पर लोग बिल भर सकें।
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आज जिला न्यायालय इन्दौर, श्रम न्यायालय, कुटुम्ब न्यायालय, उपभोक्ता फोरम और तहसील न्यायालय डॉ. अंबेडकर नगर, देपालपुर, सांवेर एवं हातौद में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न न्यायालयों में लंबित 11454 प्रकरण राजीनामे के लिए रखे गए। नेशनल लोक अदालत में न्यायालय में लंबित एवं प्री-लिटिगेशन प्रकरणों के निराकरण के लिए जिला न्यायालय इन्दौर में 65 खंडपीठ का गठन किया गया। वहीं तहसील न्यायालय डॉ. अंबेडकर नगर में 15, देपालपुर में 4, सांवेर में 4 एवं हातौद में 1 खंडपीठ सहित 89 खंडपीठों का गठन किया गया। नेशनल लोक अदालत में आपराधिक, सिविल, वैवाहिक, मोटर दुर्घटना, चेक बाउंस, श्रम न्यायालय, उपभोक्ता मामले एवं अन्य प्रकरणों सहित विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 126 एवं 135 के अंतर्गत बनाए गए विद्युत उपभोक्ताओं के प्रकरणों का निराकरण किया गया।
बड़ी छूट प्रदान की गई
विद्युत विभाग से संबंधित प्रकरणों में आंकलित सिविल दायित्व की राशि 10 लाख रुपए तक के प्री-लिटिगेशन प्रकरणों पर 30 प्रतिशत एवं लिटिगेशन प्रकरणों पर 20% छूट थी। साथ ही आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 16% प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले चक्रवृद्धि ब्याज की 100 प्रतिशत छूट प्रदान की गई। 1,835 विद्युत प्रकरण लोक अदालत में रखे गए। ऐसे समस्त विद्युत उपभोक्ता जिनके प्रकरण विशेष न्यायालय इन्दौर में लंबित हैं अथवा न्यायालय में दर्ज किया जाना शेष हैं,उन्होंने नेशनल लोक अदालत में दी जा रही छूट का लाभ प्राप्त कर अपने मामले का स्थाई निराकरण प्राप्त किया।
मेयर बोले लोगों को फायदा हुआ
मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने कहा कि लोगों को लोक अदालत से बहुत फायदा हुआ। लोगों ने उम्मीद से ज्यादा बढ़कर हिस्सा लिया और अपने भुगतान किए। हमारा प्रयास है कि हम जनता के लिए बेहतर व्यवस्था उपलब्ध करवा सकें। उसी के तहत यह प्रक्रिया की जाती है।
लोक अदालत में 11,454 लंबित मामले रखे गए
आपराधिक प्रकरण - 2,372
सिविल प्रकरण - 470
मोटर दुर्घटना क्लेम - 1,376
विद्युत प्रकरण - 1,952
चेक बाउंस प्रकरण - 4,395
वैवाहिक प्रकरण - 80
अन्य प्रकरण - 809
बैंक रिकवरी प्रकरण - 93,208