इंदौर की मंडियों में असामाजिक तत्वों की बढ़ती गुंडागर्दी और किसानों पर हो रहे हमलों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में विभिन्न किसान संगठनों ने चोइथराम मंडी में जोरदार प्रदर्शन किया। हाल ही में मानपुर के एक किसान के साथ हुई चाकूबाजी की घटना के बाद किसानों ने मंडी प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सुरक्षा व्यवस्था सुधारने और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने मंडी प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मांग रखी कि यदि जल्द ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम नहीं किए गए तो किसान संगठन बड़ा आंदोलन करेंगे।
मंडी में 100 से अधिक सुरक्षा गार्ड तैनात हैं
प्रदर्शन का नेतृत्व संयुक्त किसान मोर्चा के रामस्वरूप मंत्री, बबलू जाधव, प्रमोद नामदेव, शैलेंद्र पटेल, चंदनसिंह बड़वाया और सोनू शर्मा ने किया। किसान संघर्ष समिति, किसान मजदूर सेना और अखिल भारतीय किसान मजदूर संगठन समेत कई संगठनों के कार्यकर्ताओं ने इसमें भाग लिया। किसानों का कहना था कि मंडी में 100 से अधिक सुरक्षा गार्ड तैनात हैं, लेकिन इसके बावजूद आए दिन किसानों पर हमले हो रहे हैं। इन सुरक्षा गार्डों के वेतन का भुगतान तो हो रहा है, लेकिन वे वास्तव में कोई काम कर रहे हैं या नहीं, इसकी जांच करने की मंडी समिति को कोई फुर्सत नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मंडी परिसर असामाजिक तत्वों का अड्डा बन चुका है, जहां गुंडा तत्व खुलेआम किसानों से अवैध वसूली करते हैं और उन पर हमले भी कर रहे हैं। इससे किसान अपनी उपज बेचने के लिए मंडी लाने में डरने लगे हैं। मंडी बोर्ड के एमडी द्वारा दिए गए आदेशों का पालन भी मंडी प्रशासन करने में विफल रहा है, जिससे इंदौर की मंडी बदनाम होती जा रही है।
बड़ी संख्या में पहुंचे किसान
संयुक्त किसान मोर्चा के प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए, जिनमें रामस्वरूप मंत्री, बबलू जाधव, सोनू शर्मा, प्रमोद नामदेव, चंदन सिंह बड़वाया, शैलेंद्र पटेल, अरुण गौड़, सुभाष गौड़, गणेश पटेल, अर्जुन जाधव, लाखन गौड़, रवि बारोड और सरदार सिंह मौर्य प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि मंडी की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया और किसानों को पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी गई, तो वे व्यापक स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।