फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Indore News: यूपीएससी की तैयारी कर रही छात्रा की दर्दनाक मौत, जमीन गिरवी रखकर पढ़ा रहे थे पिता

Wed, 12 Feb 2025 01:36 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

सार

Indore News: प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही एक छात्रा की तेज रफ्तार बाइक से टक्कर के कारण मौत हो गई। पिता ने अपनी बेटी को बड़े सपनों के साथ इंदौर भेजा था, लेकिन एक दुर्घटना ने उन सपनों को चकनाचूर कर दिया।
विज्ञापन
श्रुति - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इंदौर में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही एक छात्रा की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। वह अपनी सहेली के साथ सड़क पार कर रही थी, तभी तेज रफ्तार से आई एक बाइक ने जोरदार टक्कर मार दी। यह छात्रा मूल रूप से खरगोन जिले की रहने वाली थी, जिसे उसके पिता ने बड़े सपनों के साथ पढ़ाई के लिए इंदौर भेजा था।

विज्ञापन


सड़क पार करते वक्त हुआ हादसा
आजाद नगर पुलिस के मुताबिक, 3 फरवरी की रात पवनपुरी पालदा क्षेत्र में श्रुति चौहान अपनी सहेली रेनु के साथ सड़क पार कर रही थी, तभी अचानक एक तेज रफ्तार बाइक ने दोनों को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में श्रुति के सिर में गंभीर चोटें आईं, जबकि रेनु के हाथ-पैर में फ्रैक्चर हो गया। दोनों को पहले एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन श्रुति की हालत बिगड़ने पर उसे एमवाय अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के दिन दोनों छात्राएं मेडिकल स्टोर से दवाई लेने जा रही थीं, तभी यह हादसा हुआ।

जमीन गिरवी रखकर पढ़ा रहे थे पिता
श्रुति पिछले दो सालों से इंदौर में आकार कोचिंग क्लास में यूपीएससी की तैयारी कर रही थी। उसने खरगोन के कॉलेज से बीई किया था और सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए इंदौर आई थी। परिवार ने अपनी जमीन गिरवी रखकर उसे पढ़ाई के लिए भेजा था, लेकिन यह हादसा उनके सपनों पर पानी फेर गया। पिता को बेटी से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन इस दर्दनाक घटना ने उनकी सारी आशाओं को तोड़ दिया।
विज्ञापन


लगातार बढ़ रहे हादसे
इंदौर में सड़क हादसों में लगातार इजाफा हुआ है। पिछले कुछ साल में इंदौर में हादसों में सैकड़ों लोगों ने जान गंवाई है। तेज रफ्तार में वाहन चलाना, नशा और सड़कों पर अव्यवस्थाएं इसके लिए प्रमुख जिम्मेदार हैं। तमाम प्रयासों के बावजूद हादसों में कमी नहीं आ रही है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें