आईआईएम इंदौर के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ‘अन्वेषण’ में कस्टमाइज्ड मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम का नया बैच प्रारंभ हुआ है। आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य शहरी अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्रों में व्यावसायिक विकास और रणनीतिक नेतृत्व कौशल का विकास करना है। आईआईएम इंदौर के निदेशक प्रो. हिमांशु राय ने 30 जनवरी को बैच का उद्घाटन किया। इसमें विभिन्न राज्यों से 37 वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
इस अवसर पर प्रो. सुबीन सुधीर, चेयर-एग्जीक्यूटिव एजुकेशन और प्रो. श्रुति तिवारी, प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर भी उपस्थित रहे। इस बैच में दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मणिपुर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, त्रिपुरा, लेह, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और राजस्थान के अधिकारी सम्मिलित हैं। इनमें आयुक्त, संयुक्त आयुक्त, मिशन निदेशक, नगर आयुक्त, मुख्य अधिकारी, मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी, संयुक्त सचिव आदि शामिल हैं।
अपने उद्घाटन भाषण में, प्रो. राय ने ‘एक तारीख, एक घंटा, एक साथ’ कार्यक्रम की चर्चा करते हुए कहा कि स्वच्छ भारत पहल अब बहुत ही बड़े स्तर तक पहुंच चुकी है। इसने भारत के परिदृश्य पर गहरा प्रभाव डाला है। उन्होंने बताया कि एक तारीख, एक घंटा, एक साथ में 8 करोड़ से अधिक व्यक्तियों ने 9 लाख से अधिक जगहों पर सफाई में योगदान दिया और जनभागीदारी की शक्ति प्रदर्शित की। अधिकारियों की प्रशंसा करते हुए प्रो. राय ने कहा, 'ऐसे प्रयासों की सफलता का श्रेय आपके प्रभावी नेतृत्व और स्वच्छ भारत के प्रति समर्पण को जाता है।' उन्होंने स्व-नेतृत्व के सार पर जोर दिया, और अपने अधिकार की परवाह किए बिना अपने आप में एक लीडर बनने का आग्रह किया। प्रो. राय ने प्रभावी टीम निर्माण के लिए एक सामान्य उद्देश्य और लक्ष्य से एकजुट होकर समूहों को एकजुट टीमों में बदलने पर जोर दिया। उन्होंने सलाह दी, 'एक ऐसी नेतृत्व शैली विकसित करें जो सहयोग और बातचीत को बढ़ावा दे, टीम के प्रत्येक सदस्य को सशक्त बनाने के लिए रोटेशन में नेतृत्व भूमिकाएं सौंपें।' उन्होंने साझा परिणामों को प्राप्त करने के लिए सर्वसम्मति से संचालित निर्णय लेने और सामूहिक जवाबदेही के मूल्य को प्रोत्साहित किया।
नए बैच का स्वागत करते हुए, प्रो. सुबीन सुधीर ने कहा कि चार दिनों के कार्यक्रम के दौरान, प्रतिभागी प्रभावी शहरी विकास प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण विषयों की एक विस्तृत श्रृंखला पर चर्चा करेंगे। प्रो. श्रुति तिवारी ने उल्लेख किया कि फैकल्टी और उद्योग विशेषज्ञों के सत्रों के माध्यम से वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक कौशल प्राप्त होंगे। इससे उन्हें शहरी प्रशासन और विकास में समकालीन चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में प्रो. सौम्य रंजन दाश वित्तीय प्रबंधन सत्र में स्थायी शहरी परियोजनाओं के लिए आवश्यक बजट, संसाधन आवंटन और वित्तीय योजना में अंतर्दृष्टि देंगे। जीआईजेड की सलाहकार बेटिना दुरान, प्रतिभागियों को बायोगैस उत्पादन के बारे में बताएंगी और अपशिष्ट प्रबंधन और नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन के लिए अभिनव समाधान पेश करेंगी। लिगेसी डंपसाइट रेमेडिएशन को केपीएमजी के निदेशक हिमांशु चतुर्वेदी संबोधित करेंगे और पर्यावरणीय खतरों को कम करने और दूषित स्थलों को पुनर्जीवित करने के लिए रणनीतियों की पेशकश करेंगे। एवर एनवायरो के संचालन प्रबंधक निशांत कुमार, निजी क्षेत्र के दृष्टिकोण से अपशिष्ट से ऊर्जा और आरडीएफ प्रबंधन पर प्रकाश डालेंगे। परियोजना प्रबंधन, संसाधन योजना और आवंटन, और व्यवहार परिवर्तन और सार्वजनिक भागीदारी के सत्र, आईआईएम इंदौर के प्रो. हर्षल लोवलेकर और प्रो. श्रुति तिवारी द्वारा संचालित होंगे। ये सत्र परियोजना निष्पादन, संसाधन अनुकूलन और हितधारक जुड़ाव में महत्वपूर्ण कौशल प्रदान करेंगे, जो सफल शहरी के लिए महत्वपूर्ण हैं। हर्षिका सिंह, आईएएस, इंदौर नगर निगम की आयुक्त, एसबीएम 2.0 के तहत कार्यान्वयन के लिए उभरती प्राथमिकताओं पर चर्चा करेंगी और प्रतिभागियों को राष्ट्रीय शहरी विकास लक्ष्यों के साथ रणनीतियों को संरेखित करने में मार्गदर्शन करेंगी।
इसके अतिरिक्त, वॉशी के निदेशक ससांक वेलिडांडला, भारतीय सार्वजनिक शौचालयों के बदलते स्वरूप का पर चर्चा करेंगे। इंदौर के सिटी ऑपरेशंस के प्रमुख वीरेंद्र माने, एमआरएफ ऑटोमेटेड के बारे में अंतर्दृष्टि साझा करेंगे। आर्थिक मामलों के विभाग के उप निदेशक कार्तिक अग्रवाल, सतत शहरी विकास के लिए सहयोग को बढ़ावा देने, सार्वजनिक-निजी भागीदारी पर प्रकाश डालेंगे।