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Indore News: बच्चों को भिक्षा देने पर होगी कार्यवाही, विदेशी छात्रों के वायरल वीडियो के बाद आदेश जारी

Thu, 18 Jul 2024 08:13 PM IST
अर्जुन रिछारिया न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

बच्चों को नशा और अन्य सामाजिक बुराइयों से बचाने के लिए प्रशासन ने दिखाई सख्ती, विदेशी छात्रों को भिक्षुकों द्वारा परेशान करने का वीडियो हुआ था वायरल
 
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INDORE NEWS - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल, इंदौर
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विस्तार
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इंदौर में विदेशी छात्रों के वायरल वीडियो के बाद कलेक्टर आशीष सिंह ने बच्चों को भिक्षा देने पर कार्यवाही के आदेश जारी कर दिए हैं। कलेक्टर आशीष सिंह ने भिक्षा वृत्ति/बाल भिक्षा वृत्ति की रोकथाम के संबंध में भारतीय नागरिक सुरक्षा अधिनियम 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। उल्लंघन दण्डनीय अपराध के श्रेणी में आएगा। गौरतलब है कि इंदौर आए विदेशी छात्रों को भिक्षा मांगने वाले बच्चों ने बहुत अधिक परेशान किया था जिसके बाद प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया। 
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सामान भी नहीं खरीद पाएंगे भिक्षुकों से
जारी आदेश के अनुसार भिक्षुओं को भीख स्वरूप कुछ भी देना या नाबालिग बच्चों से किसी सामान को खरीदना इस आदेश से निषेध किया गया है। इसका उल्लंघन दण्डनीय होगा। जो व्यक्ति भिक्षुओं या किसी नाबालिग बच्चे को भीख स्वरूप कोई चीज प्रदान करता है या देता है या नाबालिग बच्चे से कोई सामान खरीदता है तो उसके विरूद्ध इस आदेश के उल्लंघन पर कानूनी कार्यवाही की जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है जो 14 सितम्बर 2024 तक प्रभावशील रहेगा।

नशे और तस्करी से बचाने का प्रयास
उक्त आदेश समाचार पत्रों एवं अन्य माध्यमों से ध्यान में लाए गए तथ्य एवं सड़क पर रहने वाले बच्चों के पुनर्वास हेतु नीति 2022 के परिपालन में जारी किया गया है। इंदौर जिले में ट्रैफिक सिग्नल, चौराहों, धार्मिक स्थलों, पर्यटन स्थलों एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों में 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे स्वयं या अपने परिवारों के साथ भिक्षा वृत्ति में संलग्न देखे जाते हैं। शहर में बाल भिक्षा वृत्ति में संलग्न बच्चों के साथ कई बार अन्य राज्यों/जिलों के बच्चे भी सम्मिलित होते हैं। भिक्षा वृत्ति कार्य में संलग्न अधिकांश बच्चे नशे या अन्य गतिविधियों में लिप्त भी होते हैं। इसी तरह बाल भिक्षा वृत्ति कराने के लिए बच्चों की तस्करी के मामले संज्ञान में आए हैं। बच्चों के ट्रैफिक सिग्नल पर भिक्षा वृत्ति के कारण बच्चों की दुर्घटना होने की आशंका अधिक होने के साथ-साथ यह एक सामाजिक बुराई है। 
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कई दल गठित किए, होगी कड़ी कार्यवाही
भिक्षावृत्ति पर रोक हेतु किशोर न्याय (बालकों की देख रेख और संरक्षण) अधिनियम 2015 तथा राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग भारत सरकार नई दिल्ली द्वारा भी भिक्षा वृत्ति को रोकने हेतु समुचित निर्देश जारी किए गए हैं। ज्ञातव्य है कि जिले में भिक्षा वृत्ति/बाल भिक्षा वृत्ति को रोकने के लिए विभिन्न विभागों के सात दल गठित किए गए हैं, जो लगातार भिक्षा वृत्ति/बाल भिक्षा वृत्ति को रोकने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
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