इंदौर मेें एक छात्र ने की आत्महत्या।
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इंदौर में डेली काॅलेज मेें पढ़ने वाले एक छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या के दुखी परिजनों का कहना है कि परिवार में सबकुछ ठीक चल रहा था। बेटा पढ़ने मेें भी होशियार था। फिर उसने आत्महत्या क्यों की। पुलिस को छात्र के कमरे से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला।
घटना कनाडि़या क्षेत्र की स्कीम-140 की है। फतेेह बहादुर सिंह पिता रघुनंदन सिंह यहां एक फ्लैट में अपनी मां के साथ रह रहा था। वह दोपहर मेें घर आया और मां से कहा कि वह कमर में नहाने जा रहा है।
वहां से लौटने के बाद लंच लेगा। काफी देर तक जब वह नहीं लौटा तो मां कमरे में गई, लेकिन वहां का दृश्य देखकर सन्न रह गई। उनका बेटा फतेह फांसी के फंदे पर झूल रहा है। मां ने तत्काल परिचितों को फोन लगाया।बेटे को फंदे से उतारा और सीपीआर देकर सांस लौटाने की की कोशिश की।
इसके बाद उसे एमवाय अस्पताल ले गए। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रबंधन ने कनाडि़या पुलिस थाने को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने मर्ग कायम किया और फतेह के कमरे की तलाशी ली,लेकिन पुलिस को सुसाइड नोट नहीं मिला। छात्र का मोबाइल फोन भी पुलिस ने जांच में लिया हैै।
पढ़ने में होशियार था, इसलिए डेली काॅलेज में पढ़ा रहे थे परिजन
फतेह का परिवार शहडोल में रहता हैै। उसके पिता किसान है। फतेह पढ़ने में काफी होशियार था, इसलिए परिवार ने उसे डेली काॅलेज में पढ़ाने भेजा था। वह इंदौर में होस्टल में रहकर पढ़ाई करता था। कुछ दिनों पहले शहडोल से उसकी मां इंदौर आई थी। इस कारण वह अपने दोस्त के फ्लैट पर मां के साथ रह रहा था। वहीं उसने आत्महत्या की कदम उठाया।