इंदौर महापौर भार्गव ने राजवाड़ा क्षेत्र में भ्रमण किया।
- फोटो : सोशल मीडिया
इंदौर के राजवाड़ा पर ठेले और सड़क किनारे दुकान लगाने वालों को महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने राहत दी है। उन्हें दीपावली तक दुकानें लगाने की मंजूरी दी गई है। रेहडी पटरी वाले दुकानदारों ने आश्वस्त किया है कि वे दीपावली के बाद राजवाडा पर दुकानें नहीं लगाएंगे। वहीं ग्वालियर महापौर शोभा सिकरवार ने निगम कर्मियों को त्योहार अग्रिम राशि देने के निर्देश जारी किए हैं।
बता दें कि राजवाड़ा पर ठेला लगाकर, सड़क किनारे दुकान लगाने और निगम कर्मियों की कार्रवाई विवादों में ही रही है। करीब तीन महीने पहले से नगर निगम इंदौर ने राजवाड़ा क्षेत्र की सड़क और फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले विक्रेताओं पर रोक लगाई है। इन्हें गोपाल मंदिर के पास पुराने एसपी ऑफिस परिसर में शिफ्ट किया गया था। उस क्षेत्र में टीन शेड की दुकानें और फुटपाथ भी बना हुआ है। लेकिन विक्रेता उस जगह जाने को तैयार नहीं हैं।
गुरुवार दोपहर 100 से ज्यादा विक्रेताओं ने इसी बात पर हंगामा किया था। इन विक्रेताओं ने नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की थी। पुराने कपड़े भी जलाकर विरोध जताया था। निगम के रिमूवल अधिकारी बबलू कल्याणे व उनकी टीम और एमजी रोड थाने के बल ने प्रदर्शनकारियों को समझाइश भी दी। चार-पांच घंटे हंगामे से ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ गई थी। शुक्रवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इन्हें दीपावली तक दुकानें लगाने की सशर्त अनुमति दे दी है। इन दुकानदारों को दीपावली के बाद निगम के निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा।
इधर ग्वालियर महापौर शोभा सतीश सिकरवार ने ग्वालियर नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर नगर निगम के कर्मचारियों को त्योहार अग्रिम भुगतान किए जाने को कहा है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि 24 अक्टूबर को दीपावली का पर्व मनाया जाना है। इस अवसर पर नगर निगम में कार्यरत कर्मचारियों को त्योहार अग्रिम का भुगतान किया जाना चाहिए। महापौर ने बताया कि कर्मियों की दीपावली बेतहर बनाने के लिए ये किया गया है। पहले भी किया जाता था।