प्रदर्शन कर रहे जूनियर डाक्टर सुबह नारेबाजी करते हुए अस्पताल के मुख्य गेट पर पहुंचेे। उनके हाथ पर जो तख्तियां थी। उन पर लिखा था- घर पर भेजू आखिर कैसे, जब मुझे ही नहीं मिल रहे पैसे। काम करते है पूरे मन से, लेकिन परेशान है वेतन से।
इंदौर में जूनियर डाक्टरों ने सोमवार को मरीजों का इलाज करने के बजाए प्रदर्शन किया। एमवाय परिसर के बाहर हाथों में तख्तियां लेकर वे नारेबाजी करते नजर आए। उनका कहना था कि दूसरे राज्यों की अपेक्षा प्रदेश सरकार जूनियर डाक्टरों को कम मानदेेय दे रही है।
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इससे उनका गुजरा मुश्किल हो रहा हैै। उधर जूनियर डाक्टर इस बात से भी नाराज है कि पीजी नीट की तिथि चार बार बदल चुकी है। अभी भी तिथि तय नहीं हो पाई है। इससे छात्रों के साल बर्बाद होने का खतरा है।
प्रदर्शन कर रहे जूनियर डाक्टर सुबह नारेबाजी करते हुए अस्पताल के मुख्य गेट पर पहुंचेे। उनके हाथ पर जो तख्तियां थी। उन पर लिखा था- घर पर भेजू आखिर कैसे, जब मुझे ही नहीं मिल रहे पैसे। काम करते है पूरे मन से, लेकिन परेशान है वेतन से। एक जूनियर लेडी डाक्टर के हाथ में जो तख्ती थी। उस पर लिखा था- मध्य प्रदेश भारत का दिल, लेकिन अब दिल की सेवा करना मुश्किल।
प्रदर्शनकारी डाक्टरों का कहना था कि परिवार भी उन पर आश्रित है, लेकिन सरकार इतना मानदेय नहीं दे रहे है कि वे घर पर पैसा पहुंचा सके। अस्पताल मेें भी वर्क लोड ज्यादा रहता है। सरकार हमारी मांगे नहीं मानेगी तो हम अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला भी ले सकते है। जूनियर डाक्टरों ने नारेबाजी कर अपना रोष जताया।