मालवा मिल की झांकी को मिला प्रथम स्थान
- फोटो : Social Media
इंदौर जिले की गौरवशाली परम्परा का प्रतीक अनन्त चतुर्दशी चल समारोह श्रद्धा, आस्था, उत्साह, उमंग और व्यापक जनभागीदारी के साथ सम्पन्न हुआ। शहर में दो साल के अंतराल के बाद नागरिकों ने इस उत्सव के प्रति अपनी सक्रिय सहभागिता निभाते हुये शहर की परम्परा को अपार उत्साह और उमंग के साथ आगे बढ़ाया। रात भर जोश और उल्लास के साथ चल समारोह में निकली नयनाभिराम झांकियों और अखाड़ों के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने हजारों लोगों का मन मोह लिया। जिला प्रशासन द्वारा गठित झांकी तथा अखाड़ा निर्णायक समितियों द्वारा पुरस्कार के लिये सर्वसम्मति से श्रेष्ठ झांकियों और अखाड़ों का चयन किया गया।
कलेक्टर मनीष सिंह ने चल समारोह सुचारू रूप से सम्पन्न होने पर इंदौर के नागरिकों, व्यवस्थाओं से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों, झांकी आयोजकों और अखाड़ों के सदस्यों तथा मीडियाकर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया है।
झांकी निर्णायक समिति द्वारा अनुशंसित निर्णय...
- प्रथम पुरस्कार- मालवा मिल (ब्रज की होली)
- द्वितीय पुरस्कार- राजकुमार मिल- (मेरा रंग दे बसंती चोला)
- तृतीय पुरस्कार- हुकुमचंद मिल- (कालिया नाग) और स्वदेशी मिल- (ब्रज की लठमार होली)
- विशेष पुरस्कार- होप टेक्सटाइल मिल- (गणेश विवाह) और कल्याण मिल- (सती अनुसुइया)
- हर साल की तरह इस साल भी परम्परा के निर्वहन में दिये जा रहे मिलों के महत्वपूर्ण योगदान के मद्देनजर पुरस्कार चयन में केवल मिलों की झांकियों को ही शामिल किया गया था।
अखाड़ों के पुरस्कार...
समारोह में अखाड़ों तथा व्यायाम शालाओं के युवाओं तथा बच्चों द्वारा हैरत अंगेज प्रदर्शन तथा करतब दिखाये गये। शस्त्र कला की विधा को अखाड़ों तथा व्यायामशालाओं के कलाकारों ने इतनी विविधताओं तथा बारीकियों के साथ प्रस्तुत किया कि दर्शक देखते रह गये। निर्णायक समिति ने इस बार दो विधाओं एक हाथ का पटा तथा दो हाथ की बनेठी वर्ग में सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुतियों के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार के लिये अखाड़ों का चयन किया। निर्णायक समिति द्वारा इन प्रस्तुतियों की उत्कृष्टता के आधार पर निम्नानुसार निर्णय अनुशंसित किये गये हैं।