इंदौर संभागीय क्रिकेट एसोसिएशन का अध्यक्ष पद छोड़कर मंंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपने बेटे पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय को अध्यक्ष बनाया है। एसोसिएशन की बैठक में विजयवर्गीय ने पद छोड़ने की वजह भी बताई।
उन्होंने सदस्यों को कहा कि संभागीय एसोसिएशन का खुद का अपना एक भी मैदान नहीं है। एसोसिएशन ने इंदौर में नगर निगम से मैदान के लिए जमीन की मांग की है।
विजयवर्गीय नगरीय प्रशासन विभाग के मंत्री है। इंदौर सहित प्रदेश के सारे नगर निगम उस विभाग के अधीन आते है। मैं ही मैदान के लिए जमीन मांगू और मैं ही जमीन आवंटित करूं। यह तकनीकी रुप से ठीक नहीं है।
मैदान के लिए जमीन मिलते ही मैं फिर आईडीसीए अध्यक्ष की जिम्मेदारी ले सकता हुं, हालांकि बाद में सदस्यों ने विजयवर्गीय को एसोसिएशन का संरक्षक बनाया। आपको बता दे कि प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री बनने के बाद विजयवर्गीय ने दिल्ली जाकर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया और अब आईडीसीए अध्यक्ष पद भी छोड़ दिया है।
टिकट कटने से दुखी थे विजयवर्गीय
कैलाश विजयवर्गीय को संगठन ने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव के पद के बावजूद इंदौर की एक नंबर सीट से टिकट दे दिया था,जबकि उनके बेटे आकाश विजयवर्गीय भी विधायक होने के नाते तीन नंबर विधानसभा सीट से फिर दावेदार थे, लेकिन परिवारवाद के मापदंड के आधार पर आकाश को टिकट नहीं दिया।
बेटे का टिकट कटने से विजयवर्गीय दुखी थे और वे एक दो बार मंचों से खुद चुनाव नहीं लड़ने की बात भी कर चुके है। अब उन्होंने आकाश को आईडीसीए का अध्यक्ष बनवाकर उनके लिए क्रिकेट की राजनीति की राह आसान की है। आकाश फिलहाल विजयवर्गीय का विधानसभा क्षेत्र भी देख रहे है।