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Indore: बिजली कनेक्शन के लिए मांगी एक लाख की रिश्वत, जूनियर इंजीनियर और मददगार कर्मचारी घूस लेते गिरफ्तार

Thu, 24 Oct 2024 06:16 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

आवेदक ने  विद्युत कनेक्शन के लिए आवेदन विद्युत मंडल में दिया था। इंजीनियर पुष्पेन्द्र साहू द्वारा आवेदक के मकान का सर्वे करने के बाद कहा गया कि व्यवसायिक विद्युत कनेक्शन पैनल से कनेक्शन मिल जाएगा, लेकिन बदले में दो लाख रुपये की रिश्वत देना होगी।
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घूसखोर इंजीनियर पुष्पेंद्र साहू। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इंदौर में पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने घरेलू बिजली कनेक्शन के लिए भी रिश्वत मांग ली। वह भी पूरे दो लाख रुपये। घूस की मागं से परेशान नागरिक ने लोकायुक्त पुलिस को शिकायत की और कंपनी के इंजीनियर को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार करवा दिया।

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घूसखोर इंजीनियर ने फरियादी से कहा था कि पहले एक लाख रुपये एंडवास देना होंगे और फिर काम पूरा होने के बाद एक लाख रुपये देना। जब आरोपी को लोकायुक्त पुलिस ने पकड़ा तो वह बहाने बनाने लगा कि उसने रिश्वत नहीं मांगी। यह तो आवेदन के लिए राशि ली है।

 

प्रिंस यशवंत रोड निवासी चाणक्य शर्मा ने बिजली कंपनी के पुष्पेंद्र साहू जूनियर इंजीनियर के खिलाफ लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय को शिकायत की थी। घूसखोर इंजीनियर ने सुभाश चौक जोन कार्यालय पर पैसे लेकर फरियादी को बुलाया था। शर्मा ने बताया था कि मकान नंबर 45 न्यू 34, पी.वाय.रोड पर तीन व्यवसायिक विद्युत कनेक्शन पूर्व से लगे हुए थे।

 

आवेदक ने उस मकान में एक नए घरेलू विद्युत कनेक्शन के लिए आवेदन विद्युत मंडल में दिया था। जूनियर इंजीनियर पुष्पेन्द्र साहू द्वारा आवेदक के मकान का सर्वे करने के बाद कहा गया कि व्यवसायिक विद्युत कनेक्शन पैनल से एक घरेलू विद्युत कनेक्शन मिल जाएगा, लेकिन बदले में दो लाख रुपये की रिश्वत देना होगी।


गुरुवार को पुष्पेन्द्र साहू को उनके कार्यालय में पदस्थ आउटसोर्स से नियुक्त कर्मचारी अजहरुद्दीन कुरैशी के माध्यम से आवेदक से पहली किश्त के रूप में एक लाख रुपये रिश्वत की राशि ली। जैसे ही शर्मा ने नोटों की गड्डी देकर इशारा किया तो लोकायुक्त पुलिस ने आकर दोनों को धरदबोचा। दोनों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम की धारा 7 व 61(2) बी के तहत केस दर्ज किया गया।

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