मध्य प्रदेश में वृहद स्तर पर किए जा रहे पौधारोपण अभियान का असर नजर आने लगा है। रविवार को ही इंदौर में एक दिन में सबसे ज्यादा पौधे लगाने का रिकॉर्ड बनाया गया है। 11 लाख से ज्यादा पौधे रोपे गए हैं। इसे देखते हुए अब इतने ही पौधे अदाणी समूह राज्य सरकार को उपलब्ध कराने जा रहा है। ताकि सरकार के पौधारोपण अभियान को बल मिल सके।
बता दें कि समाजसेवा क्षेत्र में भी अदाणी समूह लगातार प्रयास करता रहा है। हरियाली को भी उन्होंने मिशन बना रखा है। अब इसका फायदा मप्र में भी मिलेगा। अदाणी ग्रुप की ओर जारी एक ट्वीट से जानकारी मिली है कि वे समूह मध्य प्रदेश के इंदौर में 11 लाख पौधे उपलब्ध कराएगा, इससे राज्य सरकार के 5.5 करोड़ पेड़ लगाने के संकल्प को समर्थन मिलेगा। यह प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य देशभर में 1.4 अरब पेड़ लगाना है। बता दें कि अदाणी ग्रुप ने वित्तीय वर्ष 2030 तक 10 करोड़ पेड़ लगाने का संकल्प लिया है। इंदौर में 7 से 14 जुलाई 2024 तक ग्रीन कैंपेन के तहत 51 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य है। अदाणी समूह इस ग्रीन कैंपेन में 11 लाख पौधे उपलब्ध कराएगा।
इस साल बढ़ते तापमान पर चिंता व्यक्त करते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और राज्य के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मध्य प्रदेश के 55 जिलों में 5.5 करोड़ पेड़ लगाने का संकल्प लिया था। यह देश भर में 140 करोड़ पेड़ लगाने के लक्ष्य के साथ प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान का हिस्सा है। एक पेड़ मां के नाम को भी आगे बढ़ाएगा। इंदौर में लगाए जाने वाले 51 लाख पेड़ों में से 11 लाख पौधे अदाणी समूह उपलब्ध कराएगा। ये पौधे 25 विभिन्न प्रजातियों के होंगे जो शहर के ग्रीन जोन में जैव विविधता (बायोडायवर्सिटी) विकसित करने में मदद करेंगे।
इंदौर रच चुका इतिहास
स्वच्छता में सात बार से देश में सिरमौर बन रहे इंदौर ने आखिरकार एक दिन में सर्वाधिक पौधे रोपने का विश्व रिकॉर्ड भी बना लिया। इंदौर की रेवती रेंज टेकरी पर रविवार को यह रिकॉर्ड बना। रेवती पर्वत पर पौधारोपण के विश्व रिकॉर्ड को जांचने के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम आई थी। 300 से ज्यादा लोगों की टीम ने पौधों की गिनती की। टीम का नेतृत्व कर रहे निश्चय ने बताया कि इंदौर में 11 लाख से ज्यादा पौधे लगाए गए हैं। वास्तविक आंकड़ा ऑडिट के बाद बताया जाएगा। 'गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' के मुताबिक, असम के उदलगुड़ी जिले में गत वर्ष 13 और 14 सितंबर के बीच 24 घंटे में 9 लाख 26 हजार पौधे लगाए गए थे। इस रिकॉर्ड को इंदौर में 14 जुलाई 2024 को 11 लाख से ज्यादा पौधे रोप कर तोड़ दिया गया।
अदाणी समूह का 10 करोड़ पेड़ लगाने का संकल्प
अदाणी समूह ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के "ट्रिलियन ट्रीज़ प्लेटफॉर्म" पर साल 2030 तक 10 करोड़ पेड़ लगाने का संकल्प किया है। ये संकल्प अब तक की गई सबसे महत्वाकांक्षी कॉर्पोरेट प्रतिबद्धताओं में से एक है। समूह, पहले ही करीब 3 करोड़ पेड़ लगाकर उनके संरक्षण का संकल्प ले चुका है। अदाणी समूह का ये संकल्प भविष्य में नेट जीरो कार्बन के लक्ष्य को पूरा करेगा। पेड़ एक महत्वपूर्ण कार्बन सिंक हैं, वे बायोडायवर्सिटी को बढ़ाते हैं जो स्वस्थ ग्रह और समुदाय के लिए जरूरी है। यह संकल्प पेरिस समझौते के तहत भारत की राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (एनडीसी) प्रतिबद्धता के अनुरूप है। देश 250 से 300 करोड़ टन कार्बन डाइऑक्साइड को अलग करने के लिए अतिरिक्त कार्बन सिंक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
छात्रों-शिक्षकों ने पौधारोपण किया, मेडिकल टीम भी रही तैनात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत रविवार को इंदौर के रेवती रेंज में 11 लाख पौधे लगाने का अभियान में इंदौर ने विश्व रिकॅार्ड अपने नाम किया। “एक पेड़ मां के नाम”अभियान के अन्तर्गत केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित कई लोगों ने पौधरोपण किया। इसके साथ ही उन्होंने आमजन से आह्वान किया था कि पर्यावरण संरक्षण के लिए एवं अपनी धरती माता को हरा-भरा रखने के लिए एक पेड़ अवश्य लगाएं और इनकी रक्षा का संकल्प भी लिया। इंडेक्स समूह संस्थान के छात्रों और डॉक्टर्स के साथ कर्मचारियों ने एक हजार से अधिक की संख्या में हिस्सा लिया। इस अवसर पर रेवती रेंज पर सब जोन 84 और 11 में छात्रों ने पौधारोपण किया।
रेवती रेंज पर हजारों की संख्या में इंदौर के हर संगठन, समाज, संस्थान से बड़ी संख्या में लोगों ने पौधारोपण कर विश्व रिकॅार्ड अपने नाम किया। इस महाअभियान को सफल बनाने में स्वास्थ्य सेवा से जुड़े संस्थान, अस्पताल और डॉक्टर्स का सहयोग रहा है। महापौर कार्यालय द्वारा इंदौर से स्वास्थ्य समन्वयक डॉ. अनिरुद्ध सिरोठिया और डॉ. दीप्ति सिंह हाड़ा के मार्गदर्शन में इंदौर के तीन मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों को स्वास्थ्य सेवा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई थी। इसमें इंडेक्स मेडिकल कॉलेज, अरबिंदो मेडिकल कॉलेज, एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं कोकिलाबेन अस्पताल ने स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराईं। रेवती रेंज पहाड़ी पर आपातकालीन सुविधाएं और एंबुलेंस के साथ डॉक्टरों की टीम उपलब्ध थी।