फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Indian Army: घर तोड़ने वालों को आर्मी जैसी ड्रेस पहनाने से डरा निगम, विरोध के बाद फैसला वापस

Thu, 16 May 2024 07:57 PM IST
अर्जुन रिछारिया न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

कांग्रेस की चेतावनी के बाद मिलिट्री जैसी ड्रेस पहनाने का फैसला लिया वापस। वापस बुलाई ड्रेस।
 
विज्ञापन
आर्मी जैसी ड्रेस पहनाने का निर्णय वापस लिया। - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल, इंदौर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इंदौर नगर निगम ने रिमूवल गैंग को आर्मी जैसी ड्रेस पहनाने का फैसला वापस ले लिया है। बुधवार को रिमूवल गैंग को ड्रेस पहनाने के बाद सभी जगह विरोध शुरू हो गया था। इसके बाद नगर निगम को यह फैसला वापस लेना पड़ा। 
विज्ञापन


ड्रेस में बदलाव किए जाएंगे
महापौर इंदौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा है कि नगर पालिक निगम इंदौर द्वारा एक रूपता, अनुशासन के लिए नगर निगम रिमूवल टीम को ड्रेस दी गई थी। इस विशेष प्रकार की वर्दी पहनने से यदि पूर्व सैनिकों की भावना आहत होती हैं तो वर्दी में जो भी आवश्यक चेंजेस की आवश्यकता होगी वो किए जाएंगे।

कांग्रेस ने दी थी चेतावनी
इंदौर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने कहा है कि कांग्रेस के द्वारा दी गई चेतावनी के परिणाम स्वरुप इंदौर नगर निगम बैक फुट पर आ गया। निगम आयुक्त के द्वारा आज मिलिट्री जैसी दिखने वाली ड्रेस वापस बुला ली गई है। चौकसे ने कहा कि कल ही हमने यह कह दिया था कि इस तरह की ड्रेस रिमूवल गैंग को पहनाना भारतीय सेना का अपमान है। इसके साथ ही हमने यह भी घोषणा कर दी थी कि यदि सा दिन में यह ड्रेस वापस नहीं ली जाएगी तो राजवाड़ा पर बड़ा प्रदर्शन कर जनता को साथ में लेकर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन


इसके साथ ही कांग्रेस द्वारा इस मामले में कानूनी कार्रवाई करने के लिए भी विधि विशेषज्ञों से सलाह ली जा रही थी। इसी बीच आज नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा के द्वारा रिमूवल गैंग से मिलिट्री जैसी दिखने वाली यह ड्रेस वापस बुला ली गई है। अब रिमूवल गैंग के कर्मचारियों से कहा गया है कि आपको दूसरी नई ड्रेस दी जाएगी।

आयुक्त के निजी खाते से हो ड्रेस के खर्च की वसूली
चौकसे ने कहा कि निगम की रिमूवल गैंग के कर्मचारियों को मिलिट्री जैसी ड्रेस पहनने का फैसला ही प्राथमिक रूप से गलत था। इस गलत फैसले को लेकर 600 जोड़ कपड़े बनवाए गए। इन कपड़ों को खरीदने पर जो पैसा लगा है उस पैसे को नगर निगम आयुक्त के निजी खाते से लिया जाना चाहिए। आयुक्त की इस गलती का खर्च नगर निगम के खजाने पर नहीं डाला जाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें