इंदौर में जिला चिकित्सालय में हो रहे निर्माण कार्य के चलते मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है। गुरुवार को ऐसा ही एक नजारा देखने के मिला जब परिजन पीएम कराने के लिए शव को खटिया पर रखकर अस्पताल पहुंचे।
दरअसल लीलाधर परिहार ने अज्ञात कारण वश फांसी लगाकर अपनी जान दे दी दी। जिसके बाद परिजन खाट पर शव लेकर पीएम कराने गए थे। अस्पताल परिसर तक आने का रास्ता कीचड़ से भरा और ऊबड़-खाबड़ होने की वजह से यहां कोई भी चारपहिया वाहन चालक नहीं आता, जिसके चलते मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। जिला चिकित्सालय को तोड़कर फिर से बनाया जा रहा है, निर्माण कार्य लंबे समय से जारी है, जिसके चलते अस्पताल परिसर में मरीजों को सुविधाओं के आभाव से गुजरना पड़ रहा है।
गुरुवार को शव को खाट पर ले जाने का एक वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है, जिसमें चार लोग उल्टी खाट पर शव को पीएम कक्ष तक ले जाते हुए नजर आ रहे हैं। शव को खाट पर ले जाने वालों में शामिल एक व्यक्ति राजेश परिहार ने कहा कि जिला चिकित्सालय के ऊबड़-खाबड़ कच्चे रास्ते होने के कारण परिसर के भीतर चार पहिया गाड़ी नहीं आ सकी। इसलिए हमें शव को खटिया पर रखने के बाद सड़क से करीब आधा किलोमीटर तक कंधा देते हुए पोस्टमॉर्टम कक्ष तक लाना पड़ा।
वहीं, सिविल सर्जन डॉ. प्रदीप गोयल ने बताया कि जिला चिकित्सालय परिसर में खटिया पर लाए गए शव की पहचान लीलाधर परिहार (50) के रूप में हुई है और उन्होंने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या की। पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। सिविल सर्जन ने दावा किया कि जिला चिकित्सालय में जारी निर्माण कार्य के सिलसिले में बुधवार रात एक डम्पर अस्पताल परिसर में आया था जिससे इसका अंदरूनी रास्ता थोड़ा ऊबड़-खाबड़ हो गया।