शहर में सुरक्षा के लाख दावों के बावजूद भी महिलाओं अपराधों की संख्या में कमी नहीं आ रही है, दिन दहाड़े हुई घटना में एक लड़की को पेचकस से घायल कर दिया गया
शहर में सुरक्षा के लाख दावों के बावजूद भी महिलाओं अपराधों की संख्या में कमी नहीं आ रही है। शनिवार को दिन दहाड़े हुई घटना में एक लड़की को पेचकस से घायल कर दिया गया। लड़की ने उसके पीछे पड़े एक लड़के से दोस्ती करने से इनकार कर दिया था जिसके बाद उसने लड़की पर हमला कर दिया।
विज्ञापन
स्कीम 78 में रहने वाली लड़की ने पुलिस को जानकारी दी कि वह स्कीम 114 के एक घर में काम करने जाती है। रोजाना की तरफ आज सुबह भी काम पर जा रही थी। झाबुआ ग्रामीण बैंक के पास शशांक नामक लड़का आया और बोला मुझसे दोस्ती कर नहीं तो मैं मर जाऊंगा। मैंने उसका विरोध किया तो उसने कमर से पेंचकस निकाला और जान से मारने की नीयत से पेट पीठ व हाथ पर हमला कर दिया। मैंने शोर मचाया और आसपास के लोगों ने विरोध किया तो जान से मारने की धमकी देकर भाग निकला। घटना के बाद दीदी को जानकारी दी जो थाने लेकर आई। पुलिस ने घटनास्थल की तस्दीक कर नाबालिग को मेडिकल के लिए भेज दिया है।
पहले चाकू से धमका चुका, डेढ़ साल से कर रहा परेशान
नाबालिग ने बताया शशांक कबीटखेड़ी में रहता है। डेढ़ साल से दोस्ती का दबाव बना रहा है। शशांक कई बार रोकने की कोशिश कर चुका था। उसकी हरकत के बारे में परिवार को बताया था पर बदनामी के डर से पहले रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई थी।जहां काम करती उस घर व उसके अपने घर के दिनभर चक्कर काटता था। घर से निकलती तो पीछा करता। नाबालिग के जीजा ने बताया वह लगातार उसका पीछा करता था। छह माह पहले भी शशांक उसे दोस्ती का दबाव बनाकर चाकू से डरा चुका है। बदनामी के डर से थाने पर रिपोर्ट न करते हुए मनचले शशांक को समझाया था पर उसकी हरकत में कोई बदलाव नहीं आया।