इंदौर के कलाकारों के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
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उत्तराखंड में चारधाम यात्रा शुरू हो गई है। केदारनाथ के कपाट खुलने के दौरान वहां इंदौर के युवा भी छाए रहे। इंदौर के चालीस सदस्यीय दल ने कपाट खुलते ही ढोल की प्रस्तुति देकर माहौल का भक्तिमय कर दिया। युवकों के साथ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी ढोल बजाए।
केदारनाथ में हनुमंत भगवान ध्वज के कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं। 11 हजार 700 फीट की ऊंचाई पर कड़ाके की ठंड के बीच सबसे मुश्किल हालातों शिव के भजनों पर आधारित धुनों पर ढोल बजाए। सबसे ऊंची जगह पर ढोल ताशे बजाने का रिकॉर्ड बनाने का दावा भी कलाकारों ने प्रस्तुत किया और वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड लंदन में अपना नाम भी दर्ज करा लिया। दल में 12 वर्ष से 35 वर्ष तक के कलाकार शामिल थे।
दल के प्रमुख शशांक सुरोशे ने बताया कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से हमने केदारनाथ मंदिर में प्रस्तुति की अनुमति मांगी थी। सरकार की तरफ से अनुमति मिलते ही इंदौर से 40 कलाकार केदारनाथ जा पहुंचे। कपाट खुलने के पहले पूरी टीम ने माइनस 5 डिग्री तापमान और 6 फीट बर्फ की बीच अपनी प्रस्तुति के लिए पूरी तैयारी की।
समूचा केदारनाथ गुंजायमान हो गया
इसके बाद केदारनाथ धाम के कपाट खुले तो ढोल ताशों की गूंज से पूरा केदारनाथ धाम गुंजायमान हो गया। सुरोशे ने बताया कि मुश्किल हालात में पहली बार 25 किलो के ढोल ताशों के साथ पूरी टीम ने प्रदर्शन किया। टीम के कई सदस्यों की ऊंचाई के कारण तबीयत भी खराब हुई, लेकिन हमारी टीम ने हौसला नहीं हारा। बर्फबारी के बीच भी अपनी प्रस्तुति दी।