इंदौर के समीप शिप्रा क्षेत्र के एक गांव में चार साल के बच्चे की जहरीले जानवर के काटने से मौत हो गई। वह अपने नाना के यहां आया था और रात को घर के बाहर आंगन में खाट पर लेटे-लेटे मोबाइल देख रहा था। बाद में उसे नींद लग गई। सुबह परिजन उसे जगाने पहुंचे तो नहीं उठा। बच्चे को परिजन अस्पताल ले गए तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बालक की मौत की वजह जानने के लिए उसका पोस्टमार्टम किया गया। ग्रामीणों ने बताया कि उसका एक हाथ नीला पड़ गया था। संभवतः रात को सोते समय उसे सांप या अन्य जहरीले जानवर ने काट लिया। इस वजह से उसकी मौत हो गई।
बेटे को मायके लेकर आई थी मां
घटना शिप्रा के कंदावली गांव में हुई। चार साल के बालक श्रेयांश को उसकी मां नीतू मायके लेकर आई थी। नीतू का ससुराल देवास के समीप बरौठा गांव में है, लेकिन वह यूपीएससी की पढ़ाई के लिए अपने मायके में बेटे को लेकर रह रही है। श्रेयांश रात को घर के बाहर खाट पर ही सोया था। मोबाइल देखते-देखते उसे नींद लग गई थी। सुबह पांच बजे नाना दिनेश चौधरी उठे और उन्होंने श्रेयांश को चादर भी ओढ़ाई। सुबह आठ बजे उन्होंने बच्चे को जगाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं जागा। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया।