इंदौर में कल से ई रिक्शा चालक E Rickshaw Drivers हड़ताल पर जा रहे हैं। प्रशासन ने ई रिक्शा चलाने के लिए नए रूट तय किए हैं। इन रूट पर ही विरोध हो रहा है। शहर में सात हजार से अधिक ई रिक्शा हैं। शहर में ई-रिक्शा चलाने के लिए 23 रूट तय किए हैं। हड़ताल के तहत जगह-जगह पोस्टर चस्पा किए गए हैं। बुधवार को ई-रिक्शा चालक चिमनबाग चौराहे के यहां वाहन खड़े कर हड़ताल पर बैठेंगे। ई-रिक्शा के तय 23 रूट में से सबसे लंबा रूट 28.7 किमी राऊ से देवास नाका है। सबसे छोटा रूट 2.6 किमी महू नाका से अंतिम चौराहा तक का है।
मंगलवार को लिया हड़ताल का फैसला
इंदौर बैटरी ऑटो रिक्शा चालक महासंघ के आदित्य पवार ने बताया कि मंगलवार को हुई बैठक में हमने हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है। प्रशासन ने जो नए रूट तय किए हैं उनमें हर रूट पर 350 से 400 ई रिक्शा चलेंगे। इस व्यवस्था से सवारियों के लिए खींचतान होगी और ट्रैफिक भी गड़बड़ाएगा। पवार ने बताया कि जो नए रूट तय किए गए हैं वहां पर ई रिक्शा के लिए स्टैंड नहीं हैं। सभी ई रिक्शा चालकों को सड़क से ही सवारियों को उतारना चढ़ाना पड़ेगा।
क्या ई रिक्शा से ही बिगड़ता है ट्रैफिक
पवार ने यह भी सवाल उठाया कि क्या ई रिक्शा से ही ट्रैफिक बिगड़ता है। इंदौर में राजबाड़ा पर भी ई-रिक्शा प्रतिबंधित करने की कोशिशें चल रही हैं। सिटी बस की इंट्री भी राजबाड़ा पर प्रतिबंधित होनी चाहिए, कई जगह कारों को भी प्रतिबंधित किया जाना चाहिए।