डीएवीवी के छात्रों ने बाबा साहेब के बलिदानों को याद किया गया।
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भारत में हर साल 6 दिसंबर को डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर की पुण्यतिथी मनाई जाती है, उनकी याद में महापरिनिर्वाण दिवस मनाया जाता है। बुधवार को बाबा साहेब की 68 वी पुण्यतिथि पर मध्यप्रदेश युवा आयोग अध्यक्ष डॉ निशांत खरे द्वारा सर्वप्रथम बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और डीएवीवी के छात्रों के बीच पहुंच कर बाबा साहेब के इतिहास और उनके द्वारा दिए गए बलिदानों को याद किया गया। बौद्ध अनुयायियों के अनुसार डॉ अंबेडकर भी अपने कार्यों से निर्वाण प्राप्त कर चुके थे। इसलिए उनकी पुण्यतिथि को महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाया जाता है।
डॉ. निशांत खरे (मध्यप्रदेश युवा आयोग अध्यक्ष) ने बताया कि बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर आजादी के बाद भारतीय संविधान का मसौदा तैयार करने वाली समिति के सात सदस्यों में से एक थे। भारत रत्न भीमराव अंबेडकर की पुण्यतिथी पर हम उनके प्रेरणादायक विचारों को याद करते आए हैं, जो आज भी हमारे देश के युवाओं में नई ऊर्जा भरने का काम करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि बाबा साहब को भी लालच देने का प्रयास किया गया था, मगर बिना झुके और बिना डिगे वे भारत और भारतीयता के लिए काम करते रहे। दुनिया में कहीं भी दबे कुचले समाज को बुलंद करने की बात आती है तो लोगों के दिमाग में बाबा साहेब आंबेडकर का नाम आता है। बाबा साहेब के पंच तीर्थों की स्थापना का कार्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया। भाजपा ने जाति नहीं बल्कि उसकी आवश्यकताओं के आधार पर कार्य किया। 2014 के पहले अधिकांश देशवासियों के लिए आवास एक सपना होता था। आज देश के चार करोड़ लोगों के पास अपना पक्का आवास है। भाजपा सरकार मध्यप्रदेश के हर एक गांव या शहर में दलित, वंचित और गरीब को आवास उपलब्ध कराएंगे।