पंचकुइया स्थित श्री राम मंदिर आश्रम में आयोजित कार्यक्रम।
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इंदौर. महामंडलेश्वर लक्ष्मणदास महाराज बहुत ही सरल स्वभाव के संत थे, उन्होंने हमेशा देशभर से आने वालें हर साधु संतो को सम्मनित किया। जीवन में सत्कर्म किया। साधु संतों के साथ मंदिर में आने वाले हर भक्त का मान सम्मान ही किया। लक्ष्मणदासजी की उदारता थी कि कभी किसी को भी निराश नही होने देते थे, वे संतों का संकट दूर करने के लिए हमेशा तत्पर रहते थे।
यह बातें महामंडलेश्वर स्वामी श्री केदारनाथ महाराज ने पंचकुइया स्थित श्री राम मंदिर आश्रम में आयोजित साकेतवासी महामंडलेश्वर लक्ष्मणदासजी महाराज की प्रथम पुण्यतिथी के अवसर पर आयोजित पुण्य स्मरण महोत्सव में कही। वहीं महामंडलेश्वर राधे राधे बाबा ने कहा कि महामंडलेश्वर लक्ष्मणदास महाराज बहुत ही मिलनसार स्वभाव के संत थे। वो सत्य के मार्ग पर चले इनके जीवन से प्रेरणा लेकर हमें जीवन जीना चाहिए। उनके बताए मार्ग और पदचिन्हों पर हर भक्त को चलना चाहिए। उन्होंने जीवन में बहुत सत्कर्म कार्य किए थे उनके सत्कर्म कार्यों को भक्तों को आगे बढ़ना चाहिए।
पंचकुइया स्थित श्री राम मंदिर आश्रम के पूर्व पीठाधीश्वर साकेतवासी महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 श्री लक्ष्मणदास जी महाराज का प्रथम पुण्यस्मरण महोत्सव आयोजित किया गया। मंदिर के पीठाधीश्वर श्रीमहंत महामंडलेश्वर रामगोपालदास महाराज ने बताया कि महाराज श्री के प्रथम पुण्य स्मरण के अवसर पर हजारों साधु संत सम्मिलित हुए जिसमें भंडारे का आयोजन भी हुआ।