विजयवर्गीय के क्षेत्र में 60 प्रतिशत मतदान
- फोटो : अमर उजाला
तीन चरणों में हुई कम वोटिंग के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भोपाल आकर यह चेतावनी दी थी कि जिन मंत्रियों के क्षेत्रों में कम वोटिंग होगी, उनके मंत्री पद जाएंगे। जिन विधायकों के क्षेत्रों में अच्छी वोटिंग होगी, उन्हें मंत्री बनाया जाएगा। इस चेतावनी का असर यह रहा कि कई विधायकों ने मतदान प्रतिशत बढ़ाने में कोई कसर बाकी नहीं रखी। मालवा निमाड़ में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और आधा दर्जन मंत्रियों की प्रतिष्ठां दाव पर थी।
सोमवार को हुई वोटिंग में सबसे आगे उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा रहे। उनके मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 78 प्रतिशत मतदान हुआ। मुख्यमंत्री मोहन यादव की उज्जैन दक्षिण सीट पर 66.50 मतदान हुआ, जबकि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के एक नंबर विधानसभा क्षेत्र में 60 प्रतिशत मतदान हुआ। वे क्षेत्र क्रमांक दो में निवास करते है। वहां मतदान प्रतिशत 58.12 प्रतिशत रहा। विधानसभा चुनाव में दो नंबर क्षेत्र में भाजपा विधायक रमेश मेंदोला ने तीन राज्यों में सर्वाधिक वोटों (1.07 लाख) वोटों की लीड का रिकार्ड बनाया था। मंत्री तुलसी सिलावट के सांवेर विधानसभा क्षेत्र में 65.08 प्रतिशत मतदान हुआ। मतदान के यह आंकड़े निर्वाचन आयोग द्वार सोमवार रात 9 बजे जारी किए गए है। इनमें आंशिक बदलाव भी हो सकता है।
मंत्री नागर के क्षेत्र में कम मतदान
रतलाम झाबुआ सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया के सामने वन मंत्री नागर सिंह चौहान की पत्नी अनिता चौहान चुनाव लड़ रही थी। मंत्री नागर सिंह आलीराजपुर क्षेत्र के विधायक है। उनके क्षेत्र में 68.66 प्रतिशत मतदान रहा, जो इस सीट के दूसरे दो मंत्रियों की तुलना में कम रहा। पेटलावद सीट से मंत्री निर्मला भूरिया चुनाव जीती है, वहां 72.65 वोटिंग हुई, जबकि रतलाम सीट से मंत्री चैतन्य कश्यप के क्षेत्र में 71.33 प्रतिशत मतदान हुआ।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष पटवारी के क्षेत्र में भी कम वोटिंग
कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी राऊ क्षेत्र के निवासी है। इस क्षेत्र में 60.46 प्रतिशत वोटिंग हुई। जबकि नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार के गंधवानी क्षेत्र में 70.27 प्रतिशत वोटिंग हुई है।